
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी मुंगेर यात्रा के दौरान जिले के विकास के लिए 119 करोड़ रुपये की लागत वाली 78 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

मुख्य विकास कार्य और उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र के उद्घाटन के साथ की। इस दौरान उन्होंने उद्योग केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभार्थियों को 60 लाख रुपये के चेक सौंपे।
धार्मिक और पर्यटन विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कष्टहरणी घाट के सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाट के आसपास के क्षेत्रों को इस तरह विकसित किया जाए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
आर्थिक सशक्तिकरण और जन कल्याण
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुँचाया गया:
जीविका समूह: स्वयं सहायता समूहों को 101 करोड़ रुपये का बैंक ऋण और अन्य आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
सामाजिक सुरक्षा: दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गई और छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
कृषि एवं पशुपालन: मत्स्य, डेयरी और पशुपालन विभाग की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को अनुदान राशि दी गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश
नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने सड़कों, पुलों और जल संसाधन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए।
अंत में, मुख्यमंत्री ने ‘जीविका दीदियों’ की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही राज्य की प्रगति का असली आधार है। इस अवसर पर कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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