
पटना, बिहार: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम अंतिम चरण में है, लेकिन अभी भी 32 लाख 23 हजार 23 मतदाताओं का सत्यापन बाकी है. यह कुल 7,89,68,844 मतदाताओं का 4.08% है. इन मतदाताओं को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने 1 अगस्त के बाद भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 95.92% यानी 7,57,46,821 मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में शामिल हो चुके हैं. हालांकि, इनमें से लगभग 10% मतदाता ऐसे हैं जो अपने दिए गए पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं. इनमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित या जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है, ऐसे मतदाता शामिल हो सकते हैं.

शेष बचे 32 लाख मतदाताओं को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग हरसंभव प्रयास कर रहा है. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पहले ही तीन से अधिक बार इन मतदाताओं से संपर्क करने की कोशिश कर चुके हैं. अब एक बार फिर से BLO का दौरा और पूरे चुनावी तंत्र का संगठित प्रयास शुरू किया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए.
इसके अतिरिक्त, अस्थायी रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में गए बिहार के मतदाताओं को भी सूचित करने के लिए चुनाव आयोग सभी माध्यमों का उपयोग कर रहा है. शहरी क्षेत्रों में बचे हुए मतदाताओं को जोड़ने के लिए, सभी 261 स्थानीय निकायों के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं.
डिजिटल रूप से गणना फॉर्म अपलोड करने में लखीसराय (91.03%), जहानाबाद (91.13%), अरवल (91.33%), कैमूर (91.46%), शेखपुरा (91.89%) और खगड़िया (92.60%) जैसे जिले सबसे आगे हैं, जहां 91% से अधिक फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं. वहीं, गोपालगंज में सबसे कम 82.12% गणना फॉर्म ही अपलोड हो पाए हैं. चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनाव से पहले सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल कर लिया जाए.
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