
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने बिहार में पाँच नए एक्सप्रेसवे (expressways) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की, जिन्होंने बताया कि इन एक्सप्रेसवे के बनने से राज्य में विकास की गति और भी तेज होगी।

इन परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी।

इन पाँचों एक्सप्रेसवे में सबसे प्रमुख है पटना-आरा-सासाराम-वाराणसी एक्सप्रेसवे, जो बिहार को सीधे उत्तर प्रदेश के वाराणसी से जोड़ेगा। इसके अलावा, रक्सौल-पटना-हावड़ा एक्सप्रेसवे बिहार को पश्चिम बंगाल और नेपाल से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे और दिघवारा-पटना-रामजानकी मार्ग भी महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगी। इन एक्सप्रेसवे से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
सरकार का मानना है कि इन एक्सप्रेसवे के निर्माण से कृषि, उद्योग और पर्यटन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गतिशक्ति’ (Gatishakti) मिशन के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य देश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में विकास की गति लगातार बढ़ रही है और ये परियोजनाएं इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
इन एक्सप्रेसवे के निर्माण में भूमि अधिग्रहण का काम भी तेजी से शुरू किया जाएगा ताकि परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। इन एक्सप्रेसवे के बनने से बिहार का भविष्य उज्ज्वल होगा और यह राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
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