
संवाददाता अंतर्कथा केरेडारी बालमुकुंद दास

एक ही आंदोलन में नेताओं को छोड़कर गरीब रैयतों को जेल भेजना क्या न्याय है?

केरेडारी/बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी ने झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान केरेडारी प्रखंड स्थित एनटीपीसी की चट्टीबरियातू परियोजना क्षेत्र में हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है, ऐसे में एक ही आंदोलन में शामिल लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन में बताया कि 19 फरवरी 2026 को एनटीपीसी की चट्टीबरियातू परियोजना क्षेत्र में अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे रैयतों में से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से पांच निर्दोष रैयतों को जेल भेज दिया गया, जबकि घटना को आपराधिक रूप देने वाले पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक को राजनीतिक दबाव में थाने से ही छोड़ दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कानून सभी के लिए एक समान है, तो फिर एक ही मामले में गरीब ग्रामीणों और रैयतों को जेल भेज दिया जाए और प्रभावशाली लोगों को छोड़ दिया जाए, यह किस प्रकार का न्याय है। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला सत्य है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
विधायक ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्दोष रैयतों को न्याय मिलना चाहिए और यदि किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव बनाकर कार्रवाई को प्रभावित किया गया है, तो उसकी सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।
रोशन लाल चौधरी ने कहा कि बड़कागांव क्षेत्र के रैयतों और विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और गरीब जनता के साथ अन्याय किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने संबंधित मंत्री योगेंद्र प्रसाद को पूरे मामले को समेकित रूप से देखते हुए जांच कराने का निर्देश दिया है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
