
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए ओम आरोहणम संस्था की संस्थापिका एवं दिशा संगठन भारत सरकार की सदस्य सह भाजपा नेत्री शेफाली गुप्ता ने पूरे देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की आग्रह की है। उन्होंने कहा कि यही समय है, सही समय है जब हमें स्वदेशी उत्पाद अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिए। शेफाली गुप्ता ने कहा कि विदेशी वस्तुओं पर हमारी निर्भरता देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करती है, जबकि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग हमें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि हम हर साल केवल प्लास्टिक टेबलवेयर और किचनवेयर पर 64 मिलियन डॉलर से खर्च करते हैं, जबकि भारत के निलकमल, वीआईपी और सुपरिम बेहतरीन विकल्प हैं। कॉस्मेटिक्स और स्किनकेयर पर 171.9 मिलियन डॉलर खर्च होते हैं, जिसमें आयात होता है, हमारे देश में नायका, बायोटिक एवं फाॅरेस्ट इससेंसिएल जैसे भारतीय ब्रांड हैं। कपड़ों पर 678 मिलियन डॉलर का आयात से होता है, जबकि भारत का विशाल वस्त्र उद्योग रेमंड, फैबइंडिया, पैंटालून्स उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि जूते और फुटवियर पर 400 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च होते हैं, पर भारतीय ब्रांड बाटा, लिबर्टी, खादिम्स पर्याप्त हैं। हाउसहोल्ड अप्लायंसेज़ पर 100 मिलियन डॉलर खर्च होते हैं, जबकि भारत के यूरेका फोर्ब्स, वोल्टास, शार्प इंडिया बेहतरीन विकल्प हैं। रेज़र ब्लेड पर 68 मिलियन डॉलर विदेशों पर खर्च होते हैं, परंतु भारत में ही जिलेट (भारतीय संयंत्र) और विल्किंसन स्वार्ड उपलब्ध हैं। स्मार्टफोन आयात 260 मिलियन डॉलर का है, जबकि डीक्साॅन, टाटा जैसी कंपनियाँ भारत में असेंबली करती हैं। उन्होंने अंतिम में कहा कि चॉकलेट व फूड आयात पर 128 मिलियन डॉलर खर्च होता है, जबकि भारत में ही अच्छे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बन रहे हैं। खिलौनों पर 61.6 मिलियन डॉलर का आयात होता है, जबकि भारत के फनस्कूल, अदिति टॉयज़, सिम्बा टॉयज़ बेहतर विकल्प हैं। आइए, हम सब मिलकर प्रधानमंत्री जी के आह्वान को सफल बनाएं और भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करें।

शेफाली गुप्ता ने बताया कि अमेरिका भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत अमेरिका से पेट्रोलियम, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ और कृषि उत्पादों का आयात करता है, वहीं अमेरिका को आईटी सेवाएँ, परिधान, दवाइयाँ, स्टील, आभूषण और कृषि उत्पाद निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी की प्रोडक्ट भारत के हर घर में मिल जाएंगे। अमेरिकी कंपनी नेस्ले कॉर्न फ्लेक्स, चॉकोज, ओट्स केलॉग बनाती है। मैगी, नेस्कैफे, किटकैट जैसे प्रोडक्ट बेचती है। अमेरिकी कंपनी का मैगी नूडल्स एवं चौकलेट का भारत में बहुत बड़ा कारोबार है। 1959 से अमेरिकी कंपनी नेस्ले भारत में एक्टिव है। अमेरिकी कंपनी भारत से की गई कमाई को अमेरिका पहुंचा रही है। लेकिन भारत पर आंखे दिखाने की कोशिश कर रहा है, 50 फीसदी ट्रेरिफ लगाने की धमकी दे रहा है, तब जरूरी है अमेरिका की वस्तुओं को बहिष्कार करना चाहिए।
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