
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला दंडाधिकारी- सह- उपायुक्त श्री चंदन कुमार के निर्देशन में जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा लगातार दूसरे दिन जिले के विभिन्न प्रखंडों में डायन प्रथा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अभियान के तहत कुमारडुंगी, तांतनगर, मंझगांव, हाटगम्हरिया, झींकपानी, चाईबासा (सदर), चक्रधरपुर, खूंटपानी, बंदगांव एवं गोईलकेरा प्रखंड क्षेत्रों के विभिन्न हाट-बाजार एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर नुक्कड़ नाटक दल द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को डायन बिसाही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली क्रूरता, शारीरिक एवं मानसिक यातना तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 की जानकारी दी गई। जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि डायन प्रथा समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है,
जिसका शिकार प्रायः गरीब एवं कमजोर तबके की महिलाएं होती हैं। अंधविश्वास के आधार पर महिलाओं पर जादू-टोना का आरोप लगाकर उनके साथ हिंसा करना न केवल अमानवीय है, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। प्रशासन ने आमजनों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहें तथा ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।
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