• Sun. Jul 26th, 2026

नीमडीह के कुशपुतुल गांव में घुसा जंगली हाथी, ग्रामीणों ने टॉर्च से खदेड़ा

admin's avatar

Byadmin

May 24, 2026
crescent ad

 

 

सरायकेला : चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कुशपुतुल सिरका (बड़तल) रोड किनारे बसे गांव में शनिवार देर रात जंगली हाथी के प्रवेश से अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच अचानक गांव में हाथी घुस आया, जिससे ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडराने लगा और पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

 

*वन विभाग की व्यवस्था नाकाफी, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा*

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद वन विभाग की ओर से समय पर कोई ठोस रोकथाम व्यवस्था नहीं थी। घटना के वक्त विभाग की कोई टीम मौके पर मौजूद नहीं थी। मजबूरन ग्रामीणों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा।

 

गांव के लोगों ने टॉर्च जलाकर और शोर मचाकर काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जरा सी चूक होने पर बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।

 

*स्थायी निगरानी के अभाव ने उजागर की लापरवाही*

इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की लापरवाही और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी निगरानी व्यवस्था के अभाव को उजागर कर दिया है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से कुशपुतुल गांव सहित आसपास के इलाकों को ‘हाथी संवेदनशील क्षेत्र’ घोषित करने की मांग की है।

 

*ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:*

1. क्षेत्र में वन विभाग की नियमित रात्रि गश्ती शुरू हो।

2. हाथियों को रोकने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था और सोलर फेंसिंग लगाई जाए।

3. फसल व घर क्षति के लिए त्वरित मुआवजा प्रक्रिया लागू की जाए।

4. हाथियों की गतिविधियों पर ड्रोन/कैमरा ट्रैप से नजर रखी जाए।

 

*समाजसेवी ने की सतर्कता की अपील*

स्थानीय समाजसेवी समीर कुमार महतो ने आसपास के गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा, “रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें। हाथी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।”

 

 

इस संबंध में चांडिल वन रेंज के वन पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो सका। हालांकि, विभागीय सूत्रों ने बताया कि दलमा से सटे सभी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है। फसल नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

 

गौरतलब है कि दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे नीमडीह, चांडिल, ईचागढ़ प्रखंड के दर्जनों गांव हर साल हाथी-मानव संघर्ष से जूझते हैं।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *