
संवाददाता :नरेश विश्वकर्मा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद के नेतृत्व में श्री पंकज कुमार वर्मा ने पोद्दारडिह में महिला दिवस के उपलक्ष में एक आयोजन करके महिलाओं को सम्मान दी गई ।इसके साथ ही वहां जिला परिषद सदस्य दीपाली रुहिदास जिला परिषद प्रतिनिधि विश्वनाथ रुहिदास उबचूड़ियां पंचायत के मुखिया श्री कन्हाई दास ,एम पी एल ओ पी के थाना प्रभारी श्रीमती सुनिता कुमारी थी।

जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद के अधिकार मित्र पंकज कुमार वर्मा ने महिलाओं को कानून की विभिन्न जानकारियां दी। महिला सशक्तिकरण की विशेष जानकारी देते हुए बताया कि
8 मार्च को महिला दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 1917 में रूस की महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” (रोटी और शांति) की मांग करते हुए इसी दिन ऐतिहासिक हड़ताल की थी, जिसके बाद सरकार को महिलाओं को वोट का अधिकार देना पड़ा, और यह तारीख (रूसी कैलेंडर के अनुसार 23 फरवरी) ग्रेगोरियन कैलेंडर में 8 मार्च के बराबर थी, जिसे बाद में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। यह दिन महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।
8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने और लैंगिक समानता (Gender Equality) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
महत्वपूर्ण जानकारी
इस वर्ष (2026) की थीम “अधिकार। न्याय। कार्रवाई। सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए” (Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls) रखी गई है। कुछ प्लेटफॉर्म्स पर इसे “दान करके लाभ प्राप्त करें” (Give to Gain) के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है।
इतिहास: इसकी शुरुआत 1908 में न्यूयॉर्क की महिला मजदूरों के आंदोलन से हुई थी, जिन्होंने बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार की मांग की थी। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसे 1975 में आधिकारिक मान्यता दी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?
यह दिन समाज में महिलाओं के योगदान को सराहने, उनके संघर्षों को याद करने और उन्हें समान अधिकार दिलाने की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है। साथ ही महिला दिवस की बधाई दी गई। घरेलू हिंसा को रोकने की जानकारी, सिविल कोर्ट धनबाद मे 14 मार्च को लगने वाले नेशनल लोकदल के बारे में बताई गई ।विधवा महिलाओं के छोटे छोटे बच्चो को मिलने वाले स्पॉन्सरशिप का लाभ की विशेष जानकारी दी गई। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के तरीके बताई गई। महिला टोल फ्री नंबर 181 तथा 1091 की विषय जानकारी दी गई राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार न्यू दिल्ली के द्वारा टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई। बाल विवाह अधिनियम की विशेष जानकारी, भरण पोषण अधिनियम की विशेष जानकारी दी गई। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद के अधिकार मित्र अशोक कुमार पाठक, श्याम कुमार झा, पूनम हेंब्रम ,फुलचांद महतो तथा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस में हमारे सभी दीदी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
