• Thu. Feb 26th, 2026

दलमा पत्थर नहीं, हमारी अस्मिता है”: 135 गांवों की ग्राम सभाओं ने फूंका जल-जंगल-जमीन की रक्षा का बिगुल

admin's avatar

Byadmin

Feb 26, 2026

चांडिल (सरायकेला): दलमा वन्यजीव अभयारण्य की तलहटी में स्थित माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में मंगलवार को एक अभूतपूर्व जन-सैलाब उमड़ा। दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच (कोल्हान प्रमंडल) के बैनर तले आयोजित इस महा जन सम्मेलन में 85 पूर्ण और 51 आंशिक मोजों सहित कुल 135 गांवों के हजारों ग्रामीण, पारंपरिक प्रधान, और आदिवासी कार्यकर्ता शामिल हुए।

 

संविधान और ग्राम सभा की सर्वोच्चता:

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना, इको-टूरिज्म और दलमा गज परियोजना से होने वाले संभावित विस्थापन के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था। वक्ताओं ने संविधान की पाँचवीं अनुसूची, अनुच्छेद 244(1), पेसा कानून (PESA) 1996 और वन अधिकार कानून 2006 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम सभा की सहमति के बिना यहाँ एक इंच जमीन भी नहीं ली जा सकती।

 

तीखे प्रहार और आलोचना:

 

दिनकर कच्छप (बिरसा सेना): उन्होंने सरकार की लोक-लुभावन योजनाओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 5 किलो राशन और “मइयां सम्मान योजना” आदिवासियों के अधिकारों का सौदा नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वजों ने तीर की नोक पर अंग्रेजों को भगाया था, आज के ‘चोरों’ से भी हम अपनी जमीन बचाना जानते हैं।”

 

सुखलाल पहाड़िया (आदिम जनजाति): उन्होंने आरोप लगाया कि इको-टूरिज्म और गज परियोजना के नाम पर वन विभाग केवल बंदरबांट कर रहा है और जानवरों का डर दिखाकर ग्रामीणों को विस्थापित करने की साजिश रची जा रही है।

 

पारित प्रस्ताव:

सभा के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि दलमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का जबरन भूमि अधिग्रहण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। सम्मेलन ने संदेश दिया कि ‘दलमा बुरू’ केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि कोल्हान की जीवंत विरासत है।

 

उपस्थिति:

इस महासम्मेलन में मुख्य रूप से सुरेश चंद्र सोय, माधव चंद्र कुंकल, रेयांस सायड, राधाकृष्णन सिंह मुंडा, जगन्नाथ सिंह मुंडा, राकेश रंजन महतो सहित हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *