
रांची। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने ईद, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में सभी जिलों के डीसी, एसएसपी और एसपी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि शांति में बाधा डालने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए तथा पूरे राज्य में पुलिस-प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही, स्थानीय सूचनातंत्र को मजबूत करने के लिए सूचक (इन्फॉर्मर) को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सके और समय रहते कार्रवाई हो सके।

संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। उन्होंने सभी जिलों को यह भी निर्देश दिया कि वे सभी समुदायों के लोगों के साथ समन्वय बनाकर शांति बनाए रखने में सहयोग लें।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया।
जुलूस मार्गों पर सेफ जोन बनाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। इन स्थानों पर जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित ले जाया जा सके। साथ ही, जुलूस मार्गों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शोभायात्राओं में भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। प्रशासन को पूजा समितियों के साथ समन्वय कर केवल प्री-रिकॉर्डेड गानों के उपयोग की व्यवस्था करने को कहा गया। इसके अलावा, पूरी शोभायात्रा की वीडियोग्राफी और ड्रोन से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर कड़ी नजर रखने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वाले और अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने भीड़भाड़ वाले इलाकों और जुलूस मार्गों की विशेष निगरानी करने तथा सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण करने पर भी जोर दिया।
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