
केरेडारी (हजारीबाग): समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए, एनटीपीसी (NML) केरेडारी की संस्कृति महिला समिति ने ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को गति देने के लिए अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया है। निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत समिति ने टीबी से ग्रसित मरीजों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए उन्हें बेहतर स्वास्थ्य का उपहार दिया।

पोषण किट का वितरण और उद्देश्य

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), केरेडारी में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान समिति की सदस्यों द्वारा 45 टीबी मरीजों को पोषण किट प्रदान की गई।
टीबी के उपचार में दवाइयों के साथ-साथ संतुलित आहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अक्सर मरीज आर्थिक तंगी या जानकारी के अभाव में पोषण संबंधी चुनौतियों का सामना करते हैं, जिससे उनके ठीक होने की गति धीमी हो जाती है। इसी आवश्यकता को समझते हुए, वितरित की गई किट में ऐसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए गए जो मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने और उन्हें शीघ्र स्वस्थ करने में सहायक सिद्ध होंगे।
निक्षय मित्र: एक साझा संकल्प
यह पहल भारत सरकार के ‘निक्षय मित्र’ कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के संपन्न वर्गों, संस्थाओं और व्यक्तियों को टीबी मरीजों के साथ जोड़ना है, ताकि कोई भी मरीज खुद को अकेला न समझे।
“एनटीपीसी एनएमएल केरेडारी और संस्कृति महिला समिति का यह प्रयास न केवल मरीजों को शारीरिक शक्ति प्रदान करता है, बल्कि उन्हें सामाजिक संबल भी देता है। यह पहल सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
स्वस्थ समाज की ओर बढ़ते कदम
संस्कृति महिला समिति की इस सक्रियता ने यह संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयासों से ही टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। एनटीपीसी द्वारा सामुदायिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे ये निरंतर प्रयास एक स्वस्थ और टीबी मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
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