
धनबाद : झरिया के लाल बाजार स्थित श्री श्याम मंदिर परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान आगामी 12 अप्रैल 2026 को होने वाले ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ की रूपरेखा साझा की गई। सम्मेलन का उद्देश्य न केवल हिन्दू समाज को वैचारिक रूप से एकजुट करना है, बल्कि सेवा और स्वावलंबन के माध्यम से भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन करने का मार्ग प्रशस्त करना है।


सम्मेलन का मूल मंत्र: “जियो और जीने दो”
आयोजकों ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य ध्येय “जियो और जीने दो” के प्राचीन सनातन सिद्धांत को आधुनिक संदर्भ में आगे बढ़ाना है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एक संगठित और सशक्त हिन्दू समाज ही विश्व में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जब समाज आत्मनिर्भर और मजबूत होगा, तभी वह अन्य समुदायों को भी अधिकार, सम्मान और स्वावलंबन दिलाने में सक्षम होगा।
गौरवशाली परंपरा और भविष्य का लक्ष्य
सम्मेलन के माध्यम से अपनी गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा, जहाँ युवाओं को अपनी संस्कृति और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा: 12 अप्रैल 2026
सम्मेलन को भव्य रूप देने के लिए कार्यक्रमों की सूची तैयार की गई है:
प्रातः 08:00 बजे: झरिया नगर भ्रमण (भव्य शोभायात्रा के साथ शुरुआत)।
प्रातः 09:00 बजे: सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, जो देशप्रेम और भक्ति रस से ओत-प्रोत होंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात: मुख्य उद्बोधन सत्र, जिसमें प्रबुद्ध वक्ताओं का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
मुख्य अतिथि
इस विशाल आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री, श्री शिवाजी क्रांति उपस्थित रहेंगे। उनका संबोधन समाज को संगठित करने और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित होगा।
आयोजन समिति और अपील
इस विराट सम्मेलन को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी और प्रबुद्ध जन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन समिति के मुख्य सदस्यों में शामिल हैं:
> राजकुमार अग्रवाल, ललित अग्रवाल, देवकीनंदन पांडे, भगवान दास केसरी, सरस्वती सेन, राम श्रेष्ठ झा, अखिलानंद देव जी, दयानंद शर्मा, अनूप लील्हा, झुन्नु गुप्ता एवं संतोष सोनी।
अपील:
आयोजकों ने झरिया और आसपास के क्षेत्रों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 12 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में इस सम्मेलन का हिस्सा बनें और समाज की एकता व अखंडता के इस महाकुंभ को सफल बनाएं।
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