
चिरकुंडा (संवाददाता: नरेश विश्वकर्मा): चिरकुंडा थाना क्षेत्र के डुमरीजोड़ के जंगलों में एक बार फिर सक्रिय हुए अवैध कोयला खनन के खिलाफ गुरुवार को बीसीसीएल, सीआईएसएफ और चिरकुंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया और अवैध खनन को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई डुमरीजोड़ की रैयत और विधवा महिला बेबी टुडू के लंबे संघर्ष का परिणाम है।

डुमरीजोड़ वही क्षेत्र है जहाँ 2021 में अवैध खनन के दौरान सैंकड़ों लोगों के दबने की खबर दिल्ली तक पहुंची थी, जिसके बाद इस क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर खनन बंद कर दिया गया था।

माफियाओं की धमकी और पुलिस की चुप्पी
पिछले कुछ महीनों से कोयला माफियाओं ने डुमरीजोड़ में फिर से अवैध खनन शुरू कर दिया था। जब जमीन की रैयत बेबी टुडू ने इसका विरोध किया, तो माफियाओं ने उसे साफ शब्दों में धमकी दी:
“यह अवैध खनन नहीं रुकेगा। हम लोगों की पहुँच एसपी तक है। तुम्हें जहाँ जाना है जाओ, कहीं सुनने वाला नहीं मिलेगा।”
बेबी टुडू ने न्याय के लिए पहले थाने में आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बेबी टुडू के अनुसार, जब उन्होंने थाना प्रभारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई, तो थाना प्रभारी ने साफ शब्दों में कहा कि “मैं कुछ नहीं कर सकता, जब तक अला अधिकारियों का आदेश नहीं आ जाता है।” इस जवाब ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या सच में अवैध खनन अला अधिकारियों के आदेश पर हो रहा है?
संघर्ष के बाद मिली जीत
थाना प्रभारी से मिले जवाब के बाद भी बेबी टुडू हारी नहीं। न्याय पाने की उम्मीद धूमिल होने के बावजूद, उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखा।
उन्होंने पत्राचार के माध्यम से हर अधिकारियों को अवैध खनन की सूचना दी।
उन्होंने बीसीसीएल के महाप्रबंधक और परियोजना पदाधिकारीयों को पत्र लिखा।
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सांसद प्रतिनिधियों के साथ सांसद महोदय से भी मुलाकात की।
आखिरकार, एक अबला नारी के अथक संघर्ष के सामने कोयला माफियाओं को घुटने टेकना पड़ा और दिन गुरुवार को संयुक्त टीम ने डुमरीजोड़ के अवैध खनन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
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