
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी : आसनसोल रेलमडंल के कुल्टी रेलवे-स्टेशन पर शुक्रवार को रेलयात्रियों द्वारा किए गए हंगामे को लेकर शनिवार को बराकर आरपीएफ थाना ने दरभंगा – चेरापल्ली एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार लगभग 150 रेल यात्रियों के विरुद्ध कैश दज॔ किया हैं । जिसमे से 6 रेल यात्रियों को आभी तक चिन्हित किया गया हैं और सभी को नोटिस भेजे जाने की तैयारी चल रही है ।

घटना संबंध के बारे में बताया जाता हैं कि आसनसोल रेलमडंल अंतर्गत दरभंगा से चलकर चेरापल्ली को जाने वाली 17008 नंबर की ट्रेन में कोच नंबर D 5 , D 6 में रायपुर जाने के लिए जयसिढी से कुछ ट्रेन यात्री सवार हुए थे । इस दौरान मधूपुर में पानी भरने के दौरान एक यात्री के ट्रेन छूट गई। जिसको लेकर ट्रेन की चैन पुलिंग की गई। चैनपुलिंग के आरोप में जामताड़ा आरपीएफ ने मामला दर्ज किया था और ट्रेन में सवार आरपीएफ की स्कोर्ट पार्टी ने आरोपी रेलयात्री को ट्रेन से उतारकर चितरंजन आरपीएफ थाना को सौंप दिया था । उसके बाद बिना ठहराव वाली ट्रेन की चैनपुलिंग कुल्टी लिंक के पास की गई, वहां चालक ने चैनपुलिंग को ठीक कर ट्रेन को आगे बढ़ाया तो फिर कुल्टी रेलवे-स्टेशन पर चैनपुलिंग कर दी गई। इस दौरान ट्रेन कुल्टी रेलवे-स्टेशन पर 87 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही । ट्रेन यात्रियों ने मांग की, जब तक गिरफ्तार रेल यात्री को नहीं छोड़ेंगे तब तक ट्रेन नहीं खुलेगी । इस बीच कुल्टी की ओर आने वाली कइ ट्रेन को विभिन्न रेलवे-स्टेशन पर रोका गया । जिससे आसनसोल रेलमडंल को आथिर्क क्षति के अलावा रेल यात्रियों को भी परेशानी हुई।

बराकर आरपीएफ थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज हवांसिंह जाखड़ रेलयात्रियों को समझाने का भरपूर प्रयास किए, लेकिन रेलयात्री नहीं माने और कुल्टी रेलवे-स्टेशन पर हो हंगामा करने लगे । जिसकी सूचना कंट्रोल को मिलने पर बराकर आरपीएफ थाना के आरपीएफ जवान, सीतारामपुर आरपीएफ थाना, जीआपी और कुल्टी थाना से भारी पुलिस बल बुलाए गए। इस बीच गिरफ्तार रेल यात्री को छोड दिया गया था ।
कुल्टी रेलवे-स्टेशन पर हंगामा, लगभग पांच बार चैनपुलिंग, अवैध तरीका से रेलयात्री को छुड़ना ,विभिन्न बोगी में सवार रेल यात्रियों को हुई परेशानी को लेकर बराकर आरपीएफ थाना ने रेल की विभिन्न धाराओं के तहत लगभग 150 लोगों पर मामला दर्ज किया हैं और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयारी चल रहीं । जिसमे से 6 लोगों को चिन्हित कर लिया गया हैं ।
बताया जाता हैं कि बराकर आरपीएफ थाना के निमार्ण से लेकर आज तक इस तरह का मामला कभी दर्ज नहीं हुआ था । बराकर आरपीएफ थाना की डायरी में यह एक इतिहासिक घटना मानी जायेगी। जिसकी चर्चा चहुंओर हैं ।
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