
सरायकेला: नारायण प्राइवेट आईटीआई परिसर में रविवार को महान स्वतंत्रता सेनानी और किसान आंदोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्म जयंती अत्यंत गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. जटाशंकर पांडे, डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर सुदीष्ट सर, एडवोकेट निखिल कुमार पांडे सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्य वक्ता के विचार:

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जटाशंकर पांडे ने स्वामी सहजानंद सरस्वती को एक अप्रतिम दूरदर्शी और कुशाग्र नेतृत्वकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने न केवल किसानों को एकजुट किया, बल्कि कृषि और समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जन-आंदोलन भी चलाया।
विचारधारा की प्रासंगिकता:
श्री पांडे ने जोर देकर कहा कि स्वामी जी का मानना था कि देश तभी प्रगति करेगा जब किसानों की उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के विचार उस समय जितने प्रासंगिक थे, आज के दौर में भी उनकी उतनी ही आवश्यकता है। उनके द्वारा दिखाए गए सामाजिक और कृषि उत्थान के मार्ग पर चलकर ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।
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