
चाईबासा: शहीद राम भगवान केरकेट्टा करमा पर्व के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय फुटबॉल एवं खेलकूद प्रतियोगिता सह मिलन समारोह शनिवार को सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन ग्राउंड में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में कुल 40 टीमों ने हिस्सा लिया। खेल के साथ करमा पर्व की परंपरा, सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कुम्हार टोली, चाईबासा और गुटवा बिशुनपुर, गुमला की टीम आमने-सामने हुई। दोनों टीमों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन निर्धारित समय में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें कुम्हार टोली चाईबासा ने 5-4 से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विशेष गरिमामयी उपस्थिति उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम मनीष कुमार का रहा उन्होंने फाइनल मे पहुंचे टीमों को मिलकर शुभकामनायें दी और उरांव समाज के बेहतरीन कार्यों की प्रसंशा किये.

समापन समारोह के मुख्य अतिथि चक्रधरपुर नगर परिषद के अध्यक्ष सनी उरांव ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति, भाईचारे और सामुदायिक एकजुटता का पर्व है। ऐसे आयोजनों से समाज के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिलता है। खेल प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ अनुशासन और टीम भावना सीखने का अवसर मिलता है।
विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक चाईबासा राहुल देव बड़ाईक ने कहा कि करमा पर्व हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने युवाओं से खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सह जिला झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुनील प्रसाद साव ने कहा कि मिलन समारोह समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम है। करमा पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन की भावना को मजबूत करता है। वहीं केंद्रीय सरना समिति रांची की महिला मोर्चा की अध्यक्ष एंजेल लकड़ा ने कहा कि करमा पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और प्रकृति से जुड़े जीवन का प्रतीक है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति की जानकारी मिलती है।
कार्यक्रम में उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम मनीष कुमार, बिमल खलखो अध्यक्ष सरना समिति चक्रधरपुर, इपील सामाड़ अध्यक्ष आदिवासी हो समाज युवा महासभा, गब्बर सिंह हेमब्रम महासचिव आदिवासी हो समाज युवा महासभा उपस्थित थे। मानद अतिथि के रूप में त्रिशानू रॉय, अनिल उरांव, मोनिका बोईपाई, रंजीत उरांव और रामदास उरांव शामिल हुए।
सचिव अनिल लकड़ा ने सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर सातों अखाड़ा के मंगल खलखो, दुर्गा कुजूर, रमेश कुजूर, भगवान दास तिर्की, उपदेश लकड़ा और दिलीप बरहा को सम्मानित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में संचू तिर्की, सहदेव किस्पोट्टा, लालू कुजूर, दुर्गा खलखो, सुमित बरहा, विष्णु मिंज, लक्ष्मण बरहा, रोहित खलखो, बाबूलाल बरहा, महेश तिर्की,पंकज खलखो, शंभू टोप्पो, ईशु टोप्पो, पालट खलखो, महावीर बरहा, मथुरा कोया, विजय लक्ष्मी लकड़ा, निर्मला लकड़ा, सुमित्रा एक्का, लक्ष्मी बरहा, तोजो तिर्की, सावित्री कच्छप, चंद्रो कुजूर और ननकी लकड़ा का सराहनीय योगदान रहा।
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