
सरायकेला : ईचागढ़ थाना क्षेत्र के ईचागढ़ गांव में बुधवार सुबह तेज रफ्तार बालू लदे टिपर की चपेट में आकर एक गरीब किसान परिवार के 2 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
आरोप है कि घटना को 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी न तो टिपर गाड़ी जब्त हुई, न चालक पकड़ा गया और न ही पीड़ित परिवार को मुआवजा मिला।

ग्रामीण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार बालू लदा टिपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक गरीब परिवार के घर में घुस गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घर का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर घर के 2 बच्चे घायल हो गए।

घटना के बाद चालक टिपर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हुए और बच्चों को अस्पताल पहुंचाया।
*”गरीब का आशियाना उजड़ गया, अब खुले आसमान तले”*
हादसे में घर क्षतिग्रस्त होने के बाद पीड़ित परिवार बेघर हो गया है। परिवार के लोग दहशत में हैं और आज खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि न मुआवजा मिला, न प्रशासन ने कोई मदद की।
*24 घंटे बाद भी पुलिस-प्रशासन खामोश*
घटना के बाद ग्रामीणों ने ईचागढ़ थाना और अंचल कार्यालय को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि अब तक टिपर गाड़ी का पता नहीं चला है। न गाड़ी जब्त हुई, न मालिक का पता चला।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि ईचागढ़ अंचल पदाधिकारी और थाना प्रभारी कहां हैं? 24 घंटे बीत गए, गाड़ी कहां गई? कहीं न कहीं मिलीभगत की बात सामने आ रही है।”
इस संबंध में जब ईचागढ़ अंचल पदाधिकारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई जवाब नहीं मिला।
*गांव में दहशत: “कब घर में घुस जाएगी बालू गाड़ी”*
गांव की सड़क के किनारे बसे लोग अब डर के साए में जी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात भर बालू लदे हाईवा और टिपर बिना रोक-टोक धड़ल्ले से दौड़ते हैं। ओवरलोड और तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
ना जाने कब ये बालू लदी गाड़ियां घर में घुसकर हमें कुचल दें। एक तरफ हाथी का आतंक, दूसरी तरफ रात भर अवैध बालू खनन और परिवहन। गरीब दो तरफा मार झेल रहा है” ग्रामीणों ने कहा।
घटना के बाद कोई नेता या समाजसेवी भी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ आश्वासन मिला, धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
*ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है:
1. *फरार टिपर और चालक को तुरंत गिरफ्तार* कर जेल भेजा जाए।
2. *पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और घर* उपलब्ध कराया जाए।
3. *ईचागढ़ क्षेत्र में अवैध बालू खन और ओवरलोड परिवहन* पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
4. *गांव की सड़क पर स्पीड ब्रेकर और रात्रि गश्त* की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल पूरे गांव में आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क जाम कर आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में
ईचागढ़ थाना प्रभारी ने बताया वेरिफाई किया जा रहा जल्द कारवाई होगा ।
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