
योग दिवस पर पर्यावरण मित्र संयोजिका कवयित्री सुधा राजस्वी मिश्रा द्वारा वृक्षारोपण एवं पौधा भेंट कर मनाया गया योग जागरूकता दिवस

आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कवयित्री एवं पर्यावरण मित्र संयोजिका सुधा राजस्वी मिश्रा के नेतृत्व में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को केंद्र में रखते हुए योग दिवस का उत्सव मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योग अभ्यास से हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य लाभ के लिए योगाभ्यास किया। इसके पश्चात सुधा राजस्वी मिश्रा जी ने सभी को संदेश देते हुए कहा —
“पेड़ हैं तो वायु है, वायु है तो स्वस्थ शरीर है। योग केवल अभ्यास नहीं, प्रकृति के साथ संतुलन का नाम है।
पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक किया। पौधा वितरण के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक पौधा केवल हरियाली नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य का प्रतीक है।
इस अवसर पर उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि वे नियमित रूप से योग करें और अपने जीवन में प्रकृति का महत्व समझते हुए कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें।
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य रहे:
• योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना ,वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना ,पौधा भेंट कर व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना
यह आयोजन न केवल योग के शारीरिक लाभों को दर्शाने वाला रहा, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशीलता की ओर समाज को एक सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने वाला रहा। कार्यक्रम में पतंजलि योग पीठ की सदस्य सुशीला ओझा, योग निर्देशिका कंचन सिंह
ज्योती विश्वकर्मा रंभा वर्मा , डॉ रागिनी वर्मा पिंकी ,विभा सिंह ,नेहा वर्मा ,वंशिका , शान्वी एवं अन्य सभी की उपस्थिति प्रेरणादायक एवं सराहनीय रही
अंत में कवयित्री सुधा राजस्वी मिश्रा जी ने यह संकल्प दोहराया:
“प्रकृति के बिना योग अधूरा है, और योग के बिना जीवन। दोनों को साथ लेकर चलना ही सच्चे अर्थों में संतुलित जीवन है।”
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