
सराइकेला : जिला के ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र के चारों प्रखंड अंतर्गत दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से पलायन किया हाथी की झुंड आतंक मचा रहा हे । गजों की आतंक से जनजीवन अस्तवस्त रहने लगा । चांडिल वन क्षेत्र में गजों की डेरा ।

नीमडीह प्रखंड के विभिन्न पंचायत अंतर्गत जैसे प्रभावित गांव चिंगरा , कांदला,सीमा,गुंडा में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इस झुंड। में 15+पांच बेवी हाथी भ्रमण करते देखा लोगो को डर शाम ढलते ही हाथी की झुंड भोजन की तलाश में गांव में प्रवेश कर जाते हे। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।हाथी भगाने के दौरान कभी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना बना हुआ हे।

ग्रामीणों का आरोप है कि चांडिल वन विभाग की कार्यशैली से हाथियों का आतंक बढ़ रहा है। वन विभाग के अधिकारी हाथियों को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को नियंत्रित करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं।
हाथियों के आतंक से ग्रामीणों की जान-माल को खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण रात में सो नहीं पा रहे हैं और दिन में खेतों में काम करने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के आतंक से बचाव के लिए जल्द से जल्द उपाय किए जाएं।केंद्र सरकार ओर राज्य सरकार द्वारा प्रति वर्ष करोड़ों रुपए मुहैया वन एंब पर्यावरण विभाग को जंगल एवं वन जीवजंतु की संरक्षण के लिए खर्चा करते हे ।परंतु सेंचुरी ओर जंगल छोड़ कर ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र में डेरा हुआ हे।पानी ओर भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो रहा हे ।जिसे हाथी की झुंड इस क्षेत्र में महजूद हे।ग्रामीणों के बीच बन विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया कर वन जीवों के प्रति प्रेम लाने की प्रयास करना चाहिए ।जिसे विशाल जीवो को कोई क्षत्रि नहीं पहुंचाए जाए ।
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