
निरसा चौक पर गुरुवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें फूलों की माला पहनाई गई, लेकिन इस दौरान किसी भी स्थानीय नेता या सांसद ने निरसा की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर चर्चा नहीं की।

यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि निरसा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा की कमी के कारण लोग मामूली पैसों के लिए अपने वोट बेच देते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नेताओं को शिक्षा मंत्री को इस स्थिति से अवगत कराना चाहिए था।

इस कार्यक्रम में जहां बड़े-बड़े नेता मौजूद थे, वहीं निरसा चौक पर गरीब दुकानदारों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हाल ही में हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान में कई गरीबों की दुकानें उजाड़ दी गईं।
इन गरीब दुकानदारों का आरोप है कि जब उनकी दुकानें तोड़ी गईं, तब धनबाद के सांसद या कोई भी अन्य नेता उनके साथ खड़े नहीं हुए। ये दुकानदार पूछ रहे हैं कि आखिर उन्हें कहाँ जाना चाहिए और उनका एक मात्र सहारा कौन है।
दुकानदारों ने उपायुक्त से भी इस मामले में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। अतिक्रमण अभियान के दौरान अधिकारी यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कितनी जमीन की जरूरत है। कुछ लोग 75 फीट बताते हैं, तो कुछ ओवरब्रिज बनने की बात कहते हैं, जिससे दुकानदारों में भ्रम की स्थिति है।
गरीब दुकानदारों का कहना है कि उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा स्थानीय विधायक या सांसद होते हैं, जो सरकार से सवाल कर सकते हैं। लेकिन वे केवल वोट की राजनीति करते हैं। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है और भोले-भाले दुकानदारों के साथ लगातार यह अन्याय हो रहा है।
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