
बिरेंद्र गिरी, पत्रकार

झारखंड : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी भाजपा नेत्री व जामा की पूर्व विधायक सीता सोरेन ने झामुमो में वापसी को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है कहा भाजपा ने उन्हें मान सम्मान दिया है, उसे छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। सीता सोरेन ने कहा कि घर वापसी होने की खबर सोशल मीडिया से मिली। साथ ही उन्हें झामुमो कार्यकर्त्ताओ का बधाई संदेश आना शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि वे पूरे मामले को समझने की कोशिश की जिसके कारण वायरल हो रहे घर वापसी के अटकलों पर प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने भाजपा में रह कर पांच साल के अंदर पार्टी के संघठन को मज़बूत धार देकर सशक्त बनाने की बात कही। भाजपा नेत्री सीता सोरेन ने झामुमो में घर वापसी को पूरी तरह से विराम लगा दिया है। दुमका सर्किट हॉउस मे कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची सीता सोरेन मीडिया से बातचीत के दौरान घर वापसी से इंकार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें सम्मान मिला है। खुद पीएम मोदी ने खास रूप से सम्मान दिया है। ऐसे भाजपा को छोड़ नहीं सकती। अब भाजपा ही उनकी पार्टी है और यही वे अपनी राजनीतिक जीवन का सफर तय करेंगी। उन्होंने घर वापसी की अफवाह पर विराम लगाते हुये कहा कि आखिर यह अफवाह कैसे उड़ी यह नहीं जानती। यह अलग बात है कि दुमका में 2 फरवरी को झामुमो का 46 वां स्थापना दिवस था। उसके एक दिन पूर्व रांची से दुमका पहुंची हुई थी। इससे लोगों ने अटकलें लगाई कि सीता सोरेन झामुमो के स्थापना दिवस पर सदस्यता ग्रहण कर घर वापसी कर सकती हूँ । जबकि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। सीता ने कहा कि पिता समान ससुर दिशोंम गुरूजी शिबू सोरेन और माँ समान सास ने आशीर्वाद मिलता रहता है। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा पार्टी ने सम्मान दिया। दुमका लोक सभा हारने के बाद भी भाजपा ने जामताड़ा विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया। हालांकि उन्हें दुबारा हार का सामना करना पड़ा। इन चुनाव में सीता सोरेन की बेटियों ने अपनी मां के लिए प्रचार प्रसार किया था । सीता ने कहा कि चुनाव आने में देर नहीं लगती। भाजपा की जीत के लिये लोगों का भरोसा जीतने की बात कही। इसके लिये अभी से कार्यकर्ताओ के बीच पहुंच कर काम करेंगी। एक नये सिरे से खुद को भाजपा के लिये मैदान तैयार करुँगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कार्यकर्त्ता काफ़ी उत्साहित थे कि सीता सोरेन के झामुमो मे वापसी करने से कार्यकर्ताओ को अपनेपन का एहसास बढ़ सकता है। लेकिन मै कहना चाहती हूँ आज भी अपने समर्थको के लिये मेरा प्यार कम नहीं हुआ है। यहाँ बता दे कि सीता सोरेन को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म था। कहा जा रहा था कि 02 फरवरी को सीता क़ी घर वापसी हो सकती है। यह संजोग था कि झामुमो अपना 46 वां झारखण्ड दिवस दुमका में मना रहा था। लेकिन इस दिन सीता के घर वापसी नहीं होनें से अब 04 फरवरी को धनबाद मे झामुमो क़ी होनें वाली स्थापना दिवस के दिन घर वापसी को भी अफवाह बताते हुये पूर्ण रूप से विराम लगा दिया है।

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