
सारण: श्मशान को मुक्तिधाम कहा गया है, यहां जन्मों के बंधन से छुटकारा मिलता है, लेकिन हैरानी तब हुई जब श्मशान घाट रणक्षेत्र बन गया. बिहार से सारण में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. दो पक्षों में श्मशान घाट में हिंसक झड़प हुई. दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई. किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी.
सारण में पुलिस पर हमला:

सूचना पर पुलिस बीच-बचाव करने पहुंची तो पुलिस पर भी हमला किया गया. पथराव में एक महिला पुलिस कर्मी घायल हो गयी. इसके अलावे दोनों पक्ष से 10 लोग घायल हो गए. आनन फानन में सभी को सीएससी मशरख भर्ती कराया गया, जहां से महिला पुलिस कर्मी को छपरा रेफर कर दिया गया.

100 साल से हो रहा दाह संस्कार:
यह घटना जिले के मशरख के बहरौली गांव की है. दरअसल, इस मामले की जड़ 100 साल पुरानी जमीन है. गांव में एक जमीन पर दाह संस्कार होता आ रहा है. इसी बीच एक व्यक्ति ने जमीन पर दावा करते हुए दाह संस्कार पर रोक लगा दी. इसी कारण दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गयी.
कई लोग घायल:
घायलों में बहरौली गांव के काशीनाथ, कुंती देवी, अमरावती देवी, प्रिंस कुमार, आदित्य कुमार, माला कुमारी, रीता देवी, रिंजू कुमारी, रोहित कुमार राय, उदय कुमार सहित कई लोग शामिल हैं. इसके अलावे पुलिस पर पथराव में एक महिला सिपाही घायल है.
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन:
घटना की जानकारी मिलने पर डीएसपी अमरनाथ शिव सुमन कुमार, इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह और थानाध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. घटना की जांक की जा रही है. बताया जा रहा है कि दो रोज पूर्व भी दाह संस्कार रोकने के विरोध में ग्रामीणों ने एनएच 227 पर शव रखकर 5 घंटे तक प्रदर्शन किया था.
“दोनों पक्षों के कई लोग चोटिल हुए हैं. दोनों पक्षों के तरफ से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. यह मामला शव जलाने को लेकर हुआ है. पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है.” -अमरनाथ, डीएसपी
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