• Tue. Feb 17th, 2026

बलियापुर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह बने SDM, पैतृक गांव बालूमाथ में जश्न का माहौल

admin's avatar

Byadmin

Jul 15, 2025

 

बलियापुर: बलियापुर के अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह को एसडीएम रैंक में प्रोन्नत कर दिया गया है। झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अब उनकी पदस्थापना अंचल अधिकारी बलियापुर सह एसडीएम बलियापुर के रूप में की गई है, जिससे उनके पैतृक गांव बालूमाथ और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

 

बालूमाथ प्रखंड के कोमर गांव निवासी प्रवीण कुमार सिंह की यह उपलब्धि प्रेरणादायक मानी जा रही है। ज्ञात हो कि अंचल अधिकारी के रूप में पदस्थापित होने से पहले, प्रवीण कुमार सिंह झारखंड पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

 

उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय, बालूमाथ के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर और राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय बालूमाथ से हुई। उन्होंने अन्नदा कॉलेज हजारीबाग से इंटरमीडिएट और जेजे कॉलेज झुमरी तिलैया से अर्थशास्त्र (प्रतिष्ठा) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। प्रवीण कुमार सिंह ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर जेपीएससी की परीक्षा पास कर उप समाहर्ता के पद पर योगदान किया था और आज यह मुकाम हासिल किया है।

 

उनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के युवा खासे उत्साहित हैं। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मिठाइयाँ बाँटकर अपनी खुशी का इजहार किया। प्रवीण कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और निरंतर मेहनत को दिया है। उनके पिता सुरेश सिंह एक जाने-माने फुटबॉलर हैं, जिन्हें बालूमाथ प्रखंड में “फुटबॉल के भीष्म पितामह” के रूप में जाना जाता है।

 

यह भी उल्लेखनीय है कि प्रवीण कुमार सिंह की पत्नी लातेहार में जिला परिषद उपाध्यक्ष के पद पर निर्वाचित हैं, और उनके छोटे भाई पीकेश कुमार सिंह झारखंड सचिवालय में प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। सरकारी पद पर कार्यरत रहते हुए भी प्रवीण कुमार सिंह सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं, जिसके कारण बालूमाथ क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान और लोकप्रियता है। उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान मुखर होकर किया जाता रहा है।

 

प्रवीण कुमार सिंह इससे पहले सिल्ली (रांची), पाटन (पलामू), सरायकेला, कुडू (लोहरदगा), चांहो (रांची), सिमडेगा, अड़की (खूंटी) और चिनिया (गढ़वा) में अंचल अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उनकी यह सफलता उनके गांव और प्रखंड के लिए गौरव का विषय बन गई है


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *