
सरायकेला: 78 वें स्वतंत्रता दिवस पर्व पर सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के जल संसाधन सह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंपई सोरेन ने ध्वजारोहण किया एवं राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण से पहले पूर्व मुख्यमंत्री का उपायुक्त एवं एसपी ने स्वागत किया उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया।
अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने जिले वासियों को 78 वें स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के उन तमाम स्वाधीनता सेनानियों को नमन किया जिन्होंने देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि अलग झारखंड राज्य अलग होने के बाद राज्य में कई चुनौतियां थी मगर वर्तमान सरकार के लगातार प्रयास से राज्य खुशहाली के पद पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी भी काफी काम होना बाकी है. शिक्षा- स्वास्थ्य-सिंचाई जैसे बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम हो रहा है। जिले में भी बुनियादी सेवाओं को लेकर हमारी सरकार गंभीरता से कम कर रही है। सिंचाई और स्वास्थ्य के अलावा सड़कों का जाल बिछ रहा है। ग्रामीण सड़कों को गांव से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। सरायकेला- खरसावां जिले की अलग पहचान रही है। इस जिले में किसानों के अलावा बड़ी संख्या में कल कारखाने भी हैं। एशिया महादेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र इसी जिले में है। दोनों के बीच समन्वय स्थापित कर एक नई कीर्तिमान लिखी जा रही है। सभी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार योजनाएं बना रही है और उसे एक-एक कर अमलीजामा पहनाने का काम किया जा रहा है। जल्द ही झारखंड प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में शुमार होगा। झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से ब्रिटिश साम्राज्य को यहां से भागना पड़ा। झारखंड के स्वाधीनता सेनानियों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। आज जिले वासियों को प्रण लेना होगा कि सभी के सहयोग से जिले को एक बेहतर जिला बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कम समय के मुख्यमंत्रित्व काल को याद करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने काफी कम समय में राज्य के लिए विकास का खाका खींचा था। हर विकास के कार्यों का एक निश्चित टाइमलाइन जारी किया गया था। हमारी सरकार ने राज्य के आदिवासी-मूलवासी, दलित, युवा, बेरोजगार सभी के लिए कैलेंडर तैयार कर उसकी सूची बना दी थी ताकि राज्य में परिवर्तन नजर आए और राज्य पिछड़ेपन की सूची से बाहर निकलने में सफल हो। आज का दिन झारखंड को संवारने का संकल्प लेने का दिन है। इन्हीं संकल्पों के साथ उन्होंने पुनः जिले वासियों को 78 वें स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए जिला को राज्य और देश में अग्रणी जिला बनाने का संकल्प दिलाया।
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