
नई दिल्ली: संसद में गर्मा गरम बहस के बाद बीती देर रात लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक को स्पष्ट बहुमत से पारित कराने में सफल रही. स्पीकर ओम बिडला ने विधेयक को पारित करने के लिए ध्वनि मत से मतदान करने का आह्वान किया. ओम बिरला ने परिणाम घोषित करते हुए कहा कि विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 232 वोट पड़े. वक्फ (संशोधन) विधेयक आज राज्यसभा में पेश किया गया है.
वक्फ संशोधन विधेयक पर AAP नेता संजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमने इस बिल का JPC में भी विरोध किया, कल लोकसभा में भी विरोध दर्ज करवाया है. यह बिल भारत के संविधान के खिलाफ है. जब बाबा साहेब अंबेडकर और भारत के संविधान को ही नहीं माना जा रहा तो वास्तव में देश में लड़ाई, झगड़े और विवाद खड़ने के उद्देश्य से यह बिल लाया गया है.यह बिल धार्मिक संपत्तियों पर कब्जा करने की शुरूआत है.

इससे पहले 2 अप्रेल को विपक्ष के इस आरोप के बीच कि यह असंवैधानिक है और मुसलमानों को निशाना बनाता है, तो सत्तारूढ़ दल ने विधेयक का जोरदार बचाव किया. गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए विपक्ष की आशंकाओं को दूर किया कि सरकार का उनके धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है और वह केवल वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी प्रशासन के उद्देश्य से प्रेरित है. वक्फ (संशोधन) विधेयक को आज राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश किया गया.

इस विवादास्पद विधेयक का मुसलमानों ने भी कड़ा विरोध किया, जहां कई लोगों ने प्रस्तावित संशोधनों पर गुस्सा और निराशा व्यक्त की, वहीं अन्य ने मुसलमानों के भविष्य को लेकर चिंता जताई. कहा जा रहा है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के हितों को कमजोर करता है और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है. इस बिल को मुस्लिम समुदाय के साथ बहुत बड़ा अन्याय माना जा रहा है.
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