
बड़कागांव –बड़कागांव विधायक का रोशन लाल चौधरी ने बड़कागांव विधानसभा सहित संपूर्ण झारखंड क्षेत्र में हो रहे विस्थापन के समस्या को लेकर बने झारखंड विस्थापन आयोग गठन के नियमावली में आवश्यक सुधारो के संबंध में विधानसभा के पटल पर प्रमुखता के साथ रखते हुए सरकार को घेरा।

विधायक रोशन लाल चौधरी ने सरकार को सवाल करते हुए कहा कि विस्थापन के नाम पर लोगों का स्थानीयता, संस्कृत और अधिकार को छिना जा रहा है। आज विस्थापित हो रहे परिवार कहा चले गए हैं उनका कोई आता-पता नहीं चलता है। अगर वह अपना जाती आवासीय बनाने जाते हैं तो वह भी नहीं बन पाता है। विधायक रौशन लाल ने सरकार के विस्थापन के नियमावली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे लगता है कि नियमावली में जो भी नियम अंकित है उसके आधार पर एक भी विस्थापित प्रभावितों को उनका हक और अधिकार मिलने वाला नहीं है। इसलिए हम इस सदन के माध्यम से मांग करते हैं कि एक ऐसी नियमावाली बनाकर कैबिनेट से पास किया जाए जिससे विस्थापितो को उनका हक और अधिकार मिल सके नहीं तो आने वाले दिनों में सभी सदस्यों के क्षेत्र में कहीं ना कहीं विस्थापन होगा और ऐसी स्थिति में हम सभी झारखंडी अस्तित्व विहीन हो जाएंगे। इसलिए विस्थापन एक्ट में सुधार किया जाए। आगे उन्होंने कहा कि झारखंड स्थापना का उद्देश्य ही यही था की झारखंडियों को उनका हक और अधिकार मिल सके। विस्थापन सिर्फ भूमि का प्रश्न नहीं है

यह जीविका,सांस्कृतिक और हमारे पहचान का प्रश्न है इसलिए विस्थापन आयोग का गठन का पहल अच्छा है परंतु इस आयोग के द्वारा विस्थापितों को उनका हक और अधिकार नहीं मिल सकेगा। क्योंकि हम उदाहरण देते हैं कि बड़कागांव में कंपनियों के खिलाफ महापंचायत का आयोजन किया गया। जहां पर लाखों लोग एकत्रित होकर अपना विरोध जताया क्योंकि उनको यह भय है
कि पूर्व में जिस प्रकार से विस्थापित प्रभावित लोगों को उनका हक अधिकार नहीं दिया गया। हमें भी ठगा जाएगा। इसलिए हम सदन से मांग करते हैं कि जो भी विस्थापन के नियमावली बनाए गए हैं उसे पर सुधार किया जाए और विस्थापित प्रभावित लोगों के हक अधिकार का बात किया जाए।
इस संबंध में विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि मैं अपने देवतुल्य क्षेत्र वासियों को विश्वास दिलाता हूं कि विस्थापित परिवारों के अधिकार सम्मान और न्याय के इस लड़ाई में मैं सड़क से लेकर सदन तक पूरी प्रतिबद्धता साहस और सत्य निष्ठा के साथ लड़ता रहूंगा ताकि झारखंड का प्रत्येक विस्थापित परिवार सुरक्षित सम्मानित और आत्मनिर्भर भविष्य की और सशक्त रूप से आगे बढ़ सके।
जिस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने जवाब देते हुए कहा कि विस्थापन आयोग का गठन इसीलिए हुआ है कि चाहे कितना भी पुराना मामला क्यों ना हो उसे पर बैठकर सांकेतिक निर्णय लिया जाएगा। आयोग के तरफ से जो बातें आएगी सरकार उसे पर निश्चित तौर पर कार्रवाई करेगी। आगे उन्होंने विधायक रोशन लाल चौधरी से कहा कि आपके पास जो भी मामले हैं वह आयोग के माध्यम से लाइए निश्चित तौर पर कार्रवाई किया जाएगा।
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