

सरायकेला/आद्रा: दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गौरवशाली परंपरा और देशभक्ति के अटूट उत्साह के साथ मनाया गया। स्थानीय सरायकेला क्षेत्र सहित संपूर्ण मंडल में इस राष्ट्रीय पर्व को लेकर विशेष तैयारियां देखी गईं। मुख्य समारोह का आयोजन आद्रा स्थित रेलवे स्टेडियम में किया गया, जहाँ वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

ध्वजारोहण एवं राष्ट्र के प्रति संकल्प

समारोह के मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मुकेश गुप्ता ने गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगे को सलामी देने के पश्चात उन्होंने उपस्थित रेल अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिजनों, प्रेस प्रतिनिधियों और स्थानीय जनसमूह को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में रेलवे के योगदान को रेखांकित किया।
संरक्षा और राजस्व पर विशेष बल
श्री गुप्ता ने अपने संबोधन में ‘संरक्षा’ (Safety) को रेलवे की रीढ़ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आद्रा मंडल ‘शून्य दुर्घटना’ (Zero Accident) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए उन्होंने बताया कि मंडल ने राजस्व अर्जन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
विकास कार्यों की मुख्य झलकियाँ:
अवसंरचना: नए अंडरपास और रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
आधुनिकीकरण: रेलपथ नवीकरण और रेलवे यार्डों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है ताकि मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का परिचालन सुगम हो सके।
सुविधाएं: स्टेशनों पर यात्री
सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ कर्मचारी कल्याण योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
सांस्कृतिक छटा और आकर्षक झांकियाँ
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों और रेल कर्मियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। SER MHSS और अन्य विद्यालयों के छात्रों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया।
विभिन्न विभागों—जैसे वाणिज्य, कार्मिक, अभियांत्रिकी, यांत्रिक, चिकित्सा, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन तथा विद्युत (सामान्य)—द्वारा निकाली गई विभागीय झांकियों ने तकनीकी प्रगति और जनसेवा का जीवंत प्रदर्शन किया। इन झांकियों के माध्यम से यह दिखाया गया कि कैसे तकनीक और मानवीय श्रम मिलकर भारतीय रेल के पहियों को गति दे रहे हैं।
भविष्य की प्रतिबद्धता
संबोधन के समापन पर मंडल रेल प्रबंधक ने दोहराया कि आद्रा मंडल न केवल कुशल रेल परिचालन और राजस्व वृद्धि के लिए संकल्पित है, बल्कि सामाजिक दायित्वों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी सजग है। इस सफल आयोजन ने रेलकर्मियों के बीच एकता और राष्ट्र प्रेम की भावना को और प्रगाढ़ किया।
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