
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईआईटी आईएसएम धनबाद के 45वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और डिग्रियों से सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा, “आईआईटी आईएसएम धनबाद देश के तकनीकी विकास की रीढ़ है। यहाँ से निकले युवा नवाचार और नेतृत्व की मिसाल बन रहे हैं। स्वर्ण पदक सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है – समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए”

दीक्षांत समारोह की मुख्य बातें:

राष्ट्रपति की उपस्थिति: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह में लगभग सवा घंटे तक उपस्थित रहीं और उन्होंने चुनिंदा छात्रों को मेडल प्रदान किए।
-डिग्री वितरण: समारोह में 1880 छात्रों को विभिन्न विषयों में डिग्रियां दी गईं, जिनमें स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर के छात्र शामिल थे।
पुरस्कार और सम्मान: 37 छात्रों को स्वर्ण पदक, 35 को रजत पदक और 21 को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
विशिष्ट अतिथि: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी समारोह में उपस्थित रहे
राष्ट्रपति का आह्वान
राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और मूल्यों का उपयोग केवल करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने के लिए करें। उन्होंने नैतिकता, नवाचार और सेवा भाव को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी
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