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एसबीआइ लाॅकर चोरी कांड के पीड़ितों को क्लेम की राशि का भुगतान 60 दिनों के अंदर करने का आदेश

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ByBiru Gupta

Dec 19, 2024

 

*बोकारो :* एसबीआइ लॉकर चोरी कांड के दौरान ज्वेलरी चोरी के मामले में मंगलवार को बोकारो उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष जेपीएन पांडे व सदस्य बेबी कुमारी की बैंच ने सुप्रीम काेर्ट के निर्देश पर सुनवाई की.

इसमें बैंक को सभी पीड़ितों द्वारा किए गए क्लेम की राशि का भुगतान 60 दिनों के अंदर करने का आदेश दिया है. तय समय अवधि के अंदर भुगतान नहीं करने पर छह प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज क्लेम की गयी राशि के अलावा देना होगा. हालांकि यह फैसला राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग ने ही दिया था, जिसके विरोध में राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग और फिर सुप्रीम कोर्ट में एसबीआइ की ओर से की गयी अपील में उनकी दलील को नकार दिया.

*पीड़ित उपभोक्ताओं ने न्यायालय का लिया था सहारा*

25 दिसंबर 2017 की रात्रि में बोकारो प्रशासनिक भवन के एसबीआइ बैंक में चोरों ने लॉकर काटकर लोगों के कीमती गहने आदि की चोरी कर ली थी. इसके बाद बोकारो पुलिस ने कांड के मुख्य सरगना सहित अन्य को गिरफ्तार कर गहने बरामद किये थे. इसमें अधिकांश गहने गला दिये गये थे. इसके बाद बैंक अधिकारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमानुसार लॉकर में रखे गये सामान की जवाबदेही बैंक की नहीं है. इसके विरूद्ध पीड़ित उपभोक्ताओं ने न्यायालय का सहारा लिया था. इसके विरूद्ध बैंक सुप्रीम कोर्ट तक गया था. अब बैंक को ग्राहकों के द्वारा किए गए क्लेम की राशि का भुगतान करना होगा. इसमें कुल 23 लोगों को भुगतान करना है.

*इन पीड़ितों के थे लाखों के जेवर*

बैंक के विरुद्ध अपील कर अपने जेवरात का मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. इनमें सेक्टर-2 के अजित नारायण सिंह ने 20 लाख, को-ऑपरेटिव के आर जायसवाल ने 10 लाख, वहीं के श्यामल मित्रा ने 15 लाख, सेक्टर-4 सी के सुकुमार हलधर ने 12 लाख 93 हजार, सेक्टर-4एफ के एनपी चौधरी ने 19 लाख, सेक्टर-12सी के सुरेश चंद्र ने 17 लाख 42 हजार, महाराष्ट्र के राजेंद्र सिन्हा ने आठ लाख, सेक्टर-2बी के रंजेश कुमार सिंह ने सात लाख, आदर्श को-ऑपरेटिव के गोरखनाथ सिंह ने पांच लाख, वास्तु विहार चीरा चास निवासी अनुराधा कुमारी ने 9.25 लाख, विपिन बिहार मिश्रा ने 10 लाख रुपये का दावा किया था. इसके अलाव भी अन्य कई लोग शामिल हैं.


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