
सरायकेला: झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का कल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन को राज्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके निधन की खबर सुनते ही जमशेदपुर के टेल्को स्थित उनके घोड़ाबांधा आवास पर लोगों का तांता लग गया है।

फुटबॉल खिलाड़ी से राजनेता तक का सफर

रामदास सोरेन के साथ पढ़े-लिखे और समय बिता चुके पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने बताया कि सोरेन ने एक फुटबॉल खिलाड़ी से राजनेता तक का लंबा सफर तय किया। उन्होंने झारखंड राज्य के निर्माण और विकास में अहम भूमिका निभाई। बेसरा ने याद करते हुए कहा कि जब झारखंड आंदोलन की रूपरेखा तैयार होती थी, तो रामदास सोरेन के इसी आवास पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन और निर्मल महतो जैसे बड़े नेता अक्सर जुटा करते थे।
परिवार और पार्टी को भारी क्षति
रामदास सोरेन अपने पीछे अपनी पत्नी, तीन बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1961 को हुआ था और 15 अगस्त 2025 को उनका निधन हो गया। सूर्य सिंह बेसरा ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पहले गुरुजी और अब रामदास सोरेन का जाना झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है।
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