• Sat. Mar 7th, 2026

करमाटांड़ में रामचरितमानस यज्ञ: कथा व्यास आकृति तिवारी ने सुनाई भगवान राम की कथा

Biru Gupta's avatar

ByBiru Gupta

Feb 19, 2025

 

 

बलियापुर : करमाटांड़ में पांच दिवसीय रामचरितमानस यज्ञ मे कथा व्यास सुश्री आकृति तिवारी ने कहा कि यज्ञ कार्यक्रम से वहां की भूमि पावन हो जाती है।

 

सनातन धर्म में नारी को शक्ति का स्वरूप देवी मानकर पूजा किया जाता है।भगवान से संबंध जोड़कर तो देखो जीवन धन्य हो जाएगा एकबार नारद के मन में अभिमान आ गया कि हमने काम को जीत लिया है |

 

मां उल्टे चलकर अपने पुत्र को सीधा चलना सिखाती है। उसी प्रकार प्रभु भी हमे सही रास्ते पर धर्म के द्वारा चलना सिखाते है अभिमान ही कर्म को नष्ट करती है

 

यह शरीर भगवान का दिया हुआ एक ड्राइवर के समान है ड्राइवर मालिक की करोड़ों की संपत्ति लेकर आता है जबकि उसकी पगार मात्र 10हजार रुपए है। वह करोड़पति तो नहीं बन गया उसमें जरा भी अभिमान नहीं है। उसी प्रकार यह शरीर भगवान का दिया हुआ एक ड्राइवर के समान है अतः अभिमान को छोड़ना चाहिए ।

 

भगवान ने एक सुंदर माया नगरी की रचना की इस नगर के राजा सीलनिधि थे उसकी एक पुत्री जिसका नाम विश्वमोहनी था ।नारद जी उनकी प्रशंसा सुनकर उन्हें प्राप्त करना चाहता था । भगवान से सुंदर रूप की याचना की भगवान ने उन्हें आज वानर का रूप प्रदान कर दिया। रुद्रगण नारद के पीछे लग गए स्वयंवर स्थल में पहुंचे विश्वामोहिनी नारद का मुख देख डर गई और भगवान विष्णु के गले में वरमाला डाल दी नारद जी ने विष्णु को श्राप दिया कि जिस प्रकार मैं पत्नी विरह में भटक रहा हुॅ।

 

आप भी वन वन भटकेंगे और यही वानर ही आपका साथ देगा ।भगवान ने श्राप स्वीकार किया यही कारण बना कि वानर सेना के साथ मिलकर भगवान राम ने रावण को मारकर लंका पर विजय प्राप्त किया। रामचरितमानस कथा सोए हुए व्यक्ति को जगाने का काम करती है और काम क्रोध मोह रूपी रोग को दूर करती है। एकादशी का महत्व बताते हुए राजा अम्बरीष की कथा सुनाई इसी वंश में राजा दशरथ हुए उनकी तीन रानियां थी


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *