
बिरेंद्र गिरी, पत्रकार।
नमामि गंगे मिशन के तहत दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त करने की है योजना

, कतरास (धनबाद) : नमामि गंगे मिशन के तहत दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से धनबाद जिले के पांच जगहों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। दो चरण में इस पर काम होना है। पहले चरण में 518 करोड़ की लागत से पांच ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।

परियोजना के उद्देश्य और महत्व:
इस परियोजना के तहत दामोदर नदी और आसपास इलाकों का विकास किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षित भी किया जाएगा। प्लांट के लिए चिन्हित जगहों में कुछ रैयती भूखंड है। इसके लिए 45.5 करोड़ की मुआवजा राशि का निर्धारण किया गया है। परियोजना के तहत सात जगहों पर इंटरसेप्शन डायवर्सन का निर्माण किया जाएगा। इसके माध्यम से शहर के नाला के पानी को प्रेशर से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। प्लांट निर्माण कराने का जिम्मा विश्वराज इनवायरनमेंट प्रा लि को मिला है। प्लांट के लिए चिन्हित जगहों की भौगोलिक सर्वे का काम कंपनी ने शुरू कर दिया है।
प्लांट के लिए चिन्हित जगहें और उनकी क्षमता,:
रामपुर (कतरी नदी),18 एम एलडी, पांडरकनाली (वासुदेव नदी), 21 एम एलडी, पेटिया जामाडोबा (मटकुरिया नाला), 75 एम एलडी, परसबनिया ( जोरिया नाला), 60 एम एलडी, ढांगी (बलियापुर नाला), 18 एम एलडी है।
रामपुर में जमीन की मापी और निर्माण की तैयारी: बाघमारा प्रखंड के कंचनपुर पंचायत अंर्तगत रामपुर में 5.90 एकड़ गैर आबाद सरकारी भूखंड पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना है। लीज बंदोबस्ती के लिए बाघमारा अंचल कार्यालय के निर्देश पर सोमवार को अंचल अमीन पाईकु टुडू रामपुर पहुंचे। इस दौरान विश्वराज इनवायरनमेंट प्रालि के अनुषंगी इकाई जुडको के अधिकारी भी मौजूद थे। अमीन ने रामपुर मौजा के प्लाट संख्या 90 की मापी की।
प्लांट के निर्माण की समय सीमा और उद्देश्य:
प्लांट के निर्माण के लिए 33 माह का समय निर्धारित किया गया है। आजाद डेनियल, डिप्टी मैनेजर, जुडको ने बताया कि नदी के गंदे पानी को प्लांट में स्वच्छ कर वापस नदी में गिराया जाएगा। दामोदर नदी के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से यह परियोजना लाई ग ई है।
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