
लखीसराय – मंगलवार 25 मार्च की संध्या जनसुराज उदघोष को लेकर जनसुराज के नायक प्रशांत किशोर बाजार समिति ग्राउंड पुलिस लाइन एफ सी आई गोदाम लखीसराय में पहुंचे। इनके आगमन पर जमुई मोड़ के नजदीक कार्यकर्ताओं ने फूलो की वर्षा कर अभिनंदन किया। वही एक दर्जन घोड़ों के द्वारा भी अगुआई की गई। इन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर किया कि भोट किसको दे जो विकास की बात करें अथवा जो विकास की बात कर अपना कदम चुनाव जीतने के बाद पीछे कर ले। इन्होंने लोगो को बताया कि जनसुराज यानी जनता का अच्छा राज ही लोगो को विकास दिलाएगी। इन्होंने लोगों को कहा कि क्या वर्तमान की सरकार चाहे वह राज्य हो अथवा केंद्र दोनों में आप खुश हैं आपने वोट दिया लेकिन क्या आपको उसके अनुकूल कुछ भी मिला। केंद्र की सरकार को अपने वोट दिया और 5 किलो का अनाज पाया लेकिन क्या यह 5 किलो का अनाज पाने के आलोक में आपके बेटे का भविष्य बदला अथवा नहीं। आपने वर्तमान के राज्य सरकार को वोट दिया लेकिन क्या उन्होंने कभी आपके बेटे को रोजगार देने की सोची। केंद्र की सरकार में चाहे कुछ भी हो आपको गैस सिलेंडर देने का काम किया लेकिन गैस सिलेंडर देने के नाम पर आपके बेटे को रोजगार न देने का काम किया। आप बात करते हैं वर्तमान के उन दिनों की जब लालू यादव की सरकार थी तो लालू यादव ने लोगों को बोलना सिखाया लेकिन उन्होंने कभी भी किसी के परिवार बेटे की चिंता ना कर अपने बेटे की चिंता की, लोग जानते हैं कि लालू यादव का बेटा आठवां पास है लेकिन इसकी तारीफ माननी होगी कि लालू यादव बहुत अच्छे पिता हैं जिन्होंने अपने बच्चों का भविष्य देख और उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की सोच रखा, लेकिन क्या यह सोच अन्य किसी के पास यानी आप लोगों के पास है। आप लोग पैसा, मुर्गा, दारू इत्यादि का सेवन कर वोट जात के नाम पर जमात के नाम पर लोगों को देते हैं लेकिन वोट देने के साथ ही वे लोग आप लोगों की समस्याओं को भूल जाते हैं क्योंकि उन्होंने यह जाना कि अपने वोट पैसे के बल पर, वोट मुर्गा दारू के बल पर, वोट जाति के बल पर, वोट जमात को लेकर दी है तो फिर आखिर विकास कैसे होगा। आने वाले विधानसभा में लोग कहीं ना कहीं फिर वोट मांगने आएंगे लेकिन क्या वोट उन्हें दिया जाएगा अथवा नहीं। आप वोट किन्हे देंगे या निर्णय करना आपका काम है चाहे कुछ भी हो वोट उसी को दें जो आपके विकास की बात को सोचे, जो आपके बच्चों का भविष्य सोचे, जो आपके राज्य आपके क्षेत्र में किसी रोजगार की सुविधा को उत्पन्न करें। लोग आने वाले समय में हर प्रकार से दिगभ्रमित कर वोट मांगने का काम करेंगे। प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि मैं ही प्रशांत किशोर हूं मैं कहीं नेता नहीं हूं मैं बिहार के एक साधारण परिवार के लड़के है हमारे अपने दादा मजदूर थे वह बैलगाड़ी चलाते थे। मेरे पिताजी सरकारी डॉक्टर थे। यही सरकारी विद्यालय से पढ़कर हमने अपना जीवन शुरू किया है हमारे माता-पिता का आशीर्वाद है ऊपर वाले की कृपा है कि हमने जीवन में कुछ हासिल कर लिया है लोग कहते हैं पिछले 10 वर्षों में हमने जिनके साथ दिया जिनके हाथ पकड़ लिया वह आदमी आज जीत कर राजा हो गया लेकिन 3 वर्ष पहले हमने वह काम छोड़ दिया लोग कहते हैं वह काम छोड़कर आज आप गली-गली पैदल क्यों चल रहे हैं इन्होंने कहा कि काम तो इसलिए छोड की 10 वर्ष पीछे बड़े-बड़े नेताओं को जीता कर देखा दाल और नेता के जितने से जनता का जीवन नहीं बदलता यह आपको हमको लगता है कि हमारा नेता जीत गया हमारा जात वाला जीत गया हमारा झंडा वाला जीत गया। जो जीत गया वह जीत कर हेलीकॉप्टर पर गया और आप और आपके बच्चे जहां थे वहीं रह गए 10 बरस में हमें अनुभव हुआ कि अगर हमें भगवान ने बुद्धि और शक्ति दिया है जिसको सलाह देते हैं उसका जीवन बदल जाता है तो निर्णय किया कि नेता और दल को बहुत सलाह दिए तो अब चलकर अपने बिहार के लोगों को सलाह देते हैं आपका हाथ पकड़ते हैं ताकि आपका भी जिंदगी बदले और आपके बच्चों का भी जीवन बदले इसलिए यह अभियान शुरू किए हैं हम वोट नहीं मांगते लोग कहते हैं कि आप वोट क्यों नहीं मांगते तो मेरा कहना है कि हर 5 बरस पर कोई ना कोई वोट मांगने तो जरूर आ जाता है जो आया उसने कहा वोट हमें दे दो हम तुम्हारा सब काम कर देंगे यही सुन सुनकर आज 30 से 40 बरस पहले तक आपने कांग्रेस को जिताया फिर 15 बरस गरीब का बेटा लाल यादव को जीता है और 17 18 साल से नीतीश कुमार कुर्सी पर बैठे हैं दिल्ली में हमने आपने भाजपा मोदी जी को भी बैठाकर देख लिया। आपका और आपके बच्चों का जीवन नहीं सुधरा और अब हम आए हैं आप हम पर भरोसा कर हमें वोट दीजिएगा लेकिन क्या भरोसा है कि प्रशांत किशोर भी जीतने के बाद आपसे धोखा नहीं करेगा वोट के पहले सब आदमी अच्छा बताता है और वोट के बाद ही आपका गला काटता है इसलिए पिछले 3 वर्ष में जनसुराज के अभियान में हमने किसी से वोट नहीं मांगा।
इन्होंने कहा कि मैं 15 मिनट में कुछ बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर शायद आप शायद समझे अगर समझ आए तो उसे अपनाइए उसके बाद आपको जिसे मन हो वोट दीजिए।
मैं जैसे कहता हूं वैसे कीजिए और यह लिख कर ले लीजिए कि आपके बच्चे का भविष्य रोजी रोजगार बिहार में ही होगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो मुखिया सरपंच का नहीं बल्कि हमारा गला पकड़िएगा। इन्होंने कहा कि आपको समझ में आएगा कि बिहार की गरीबी और बदहाली का कारण क्या है। और इससे निकलने का रास्ता और उपाय क्या है।
इन्होंने लोगों से सवाल किया कि आपके गांव पंचायत समाज जिला में बढ़िया पढ़ाई रोजगार लोगों के लिए होना चाहिए या नहीं यह आप बताएं। हमसे लोगों ने कहा कि हमारे लिए कुछ हो या ना हो हमारे बच्चों के लिए पढ़ाई और रोजगार होना चाहिए। इतनी समझदारी आप लोगों में है। उसके बाद कोई नेता बने कोई मंत्री बने कोई मुखिया बने चाहे वह नीतीश हो लालू हो या फिर नरेंद्र मोदी हो कोई मतलब नहीं होगा। इन्होंने कहा यहां बैठे तमाम लोग अपने बच्चों का चेहरा याद कर बताएं कि क्या कभी आप लोगों ने अपने बच्चों के भविष्य अपने बच्चों का रोजगार अपने बच्चों की पढ़ाई को देखकर किसी को वोट देने का काम किया है।
आज आप लोग यहां बैठे हर कोई नेता को गाली दे रहा है चाहे वह लाल हो या नीतीश हो या फिर केंद्र में बैठे मोदी हो कोई कांग्रेस।
आप लोग आज तक अपने बच्चों के भविष्य पढ़ाई और रोजगार के लिए वोट ही नहीं दिया तो फिर अगले को गाली क्यों देते हो।इन्होंने लोगों से पूछा आज तक आपने जिन नेताओं को वोट दिया उन नेताओं ने आपका काम किया है या नहीं। इन्होंने कहा कि अगर सच बोल तो हां बोलिएगा अन्यथा ना। आपने हमने तमाम लोगों ने 5 किलो अनाज के लालच में मोदी जी को भाजपा को वोट दिया तो बिहार में चाहे जितना भी चोरी हो भ्रष्टाचार है 1 किलो अनाज चोरी कर 4 किलो अनाज गरीबों को मिल रहा है। आपने हमने वोट दिया हिंदू और मुसलमान बनकर दिया। चुनाव से पहले भाजपाइयों ने कहा कि सब हिंदू मिलकर एक हो जाओ और अयोध्या में रामलला का मंदिर बनाना है तो आपके गांव में स्कूल और अस्पताल नहीं बना यहां लखीसराय में फैक्ट्री नहीं लगा लेकिन आपकी वोट के ताकत से अयोध्या में राम मंदिर बना है आपने हमने कई लोगों ने वोट दिया नीतीश कुमार को और कहा कि हमको बिजली और सड़क चाहिए लालू जी के राज में बिहार में बिजली पानी और सड़क नहीं था तो नीतीश कुमार ने इसी बदहाल बिहार में बिजली और पानी देने का काम किया अब चाहे वह बिजली बिल कुछ भी लगे। अपने लालू जी के रीजन में लालू को वोट दिया क्योंकि लोगो ने कहा लालू के राज में लोगों को गरीब और पिछड़े को आवाज दिया। अपहरण रंगदारी हो गया लेकिन लालू जी के राज में बिजली पानी शिक्षा नहीं मिला।

बिहार में लोग कहते हैं कि चाहे जिए या मर जाए लेकिन अपने ही जात वाले को वोट देंगे तो आपके ही जात के नेताओं ने आपके बच्चों का पढ़ाई और रोजगार का बात नहीं किया लेकिन जाति का जनगणना और जाति का गिनती घर घर कराया।
अपने सिलेंडर के नाम पर मोदी जी को वोट दिया सिलेंडर मिला अब चाहे वह 800 हो अथवा 1000 लोगों के घर-घर सिलेंडर पहुंच गया आपने हमने वोट दिया गुजरात के विकास को लेकर लेकिन मोदी जी ने गुजरात का विकास तो किया पूरा देश का पैसा ले जाकर गुजरात में फैक्ट्री लगा रहे हैं और पूरे बिहार से हमारे बच्चे गुजरात जाकर नौकरी पेशा कर रहे हैं तो आप बताएं कि किस बात पर हम लोगों ने वोट नहीं दिया और जो नहीं मिला। लेकिन इस बार बिहार के विकास की बात को सोच और जानकर ही आप लोग किसी भी नेता को वोट देने का काम करें क्योंकि जन सुराज का मतलब ही होता है जनता का अच्छा राज और। अगर जनता का अच्छा राज लाना है तो इस बार जान स्वराज को लाना बहुत जरूरी हो जाएगा।

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