
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई. मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 33 प्रस्ताव पारित हुए. बिहार विशेष सर्वेक्षण बंदोबस्त नियमावली को जहां मंजूरी मिली, वहीं मंत्री आवास परिसर गर्दनीबाग पटना के निर्माण के लिए 78 करोड़ 28 लाख 59300 को स्वीकृति दी गई है. उधर, अरवल मंडल कारा के निर्माण के लिए 38 करोड़ 31 लाख 21 हजार रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई है.
जमीन सर्वे की अवधि बढ़ाने का फैसला:

राज्य में जमीन सर्वे को लेकर लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने सर्वे की अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने बढ़ा दिया है. सेल्फ डिक्लेरेशन के लिए मिला 180 दिन, रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. इसके साथ ही बिहार विशेष सर्वेक्षण बंदोबस्त नियमावली 2024 को स्वीकृति दे दी गई है.

मत्स्यगंधा झील के विकास के लिए 98 करोड़ स्वीकृत:
राज्य कैबिनेट से सहरसा जिला अंतर्गत मत्स्यगंधा झील और उसके पास पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए 98 करोड़ 65 लाख 79 हजार 300 रुपये की स्वीकृति मिली है. वहीं, कैमूर जिला अंतर्गत करमचट ईको टूरिज्म एंड एडवेंचर हब के विकास के लिए 49 करोड़ 73 लाख 33 हजार 440 रुपये की राशि को मंजूरी मिली है.
आई फाऊंडेशन की जमीन पर फैसला:
सुपर पटना के कंकड़बाग में शंकर आई फाऊंडेशन इंडिया अति विशिष्ट नेट अस्पताल का निर्माण करेगा. कैबिनेट में बिहार राज्य आवास बोर्ड के 1.60 एकड़ भूमि स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरण किया गया. इसके लिए 48 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है. 99 वर्ष के लीज पर यह जमीन शंकर आई फाऊंडेशन इंडिया कोयंबटूर को देने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी सोसाइटी के अधीन नियंत्रण तकनीकी सलाहकार का एक पद और विज्ञान सलाहकार का एक पद यानी कुल दो पदों के सृजन की स्वीकृति मिली है.
आवास योजना की राशि पर भी निर्णय:
वित्तीय वर्ष 2024 25 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत संविदा पर नियोजित कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए केंद्रांश मद में प्राप्त कम राशि 139 करोड़ रुपये की राज्य संसाधन द्वारा पूर्ति किये जाने की स्वीकृति मिली है. स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 5635 ग्राम पंचायत में ठोस एवं सरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों के सफलतापूर्वक परिचालन के लिए 1 साल के लिए राज्य योजना से 354.8 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है.
स्वास्थ्य विभाग को लेकर फैसले:
वहीं, स्वास्थ्य विभाग बिहार परिचारिका संवर्ग नियमावली 2019 को निरस्त करते हुए बिहार परिचारिका संवर्ग नियमावली 2024 को स्वीकृति दी गई है. राज्य के सभी राजकीय आयुर्वेदिक होम्योपैथिक यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के रोगियों के उपचार के दौरान शुद्ध एवं पोषक भोजन की व्यवस्था के लिए दीदी की रसोई की स्वीकृति मिली है.
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