
दारू (हजारीबाग): दारू प्रखंड अंतर्गत मेडकुरी कला गांव के जाने-माने समाजसेवी जानकी साव के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके असामयिक निधन की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया और लोग स्तब्ध रह गए।शनिवार को पूरे विधि-विधान के साथ मेडकुरी नदी तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व उनकी आंख का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से उन्हें लगातार माथे में तेज दर्द की शिकायत थी। अपने पीछे वे अपनी पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार की आजीविका की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।

जानकी साव एक मिलनसार, कर्मठ और संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ता थे। गांव में किसी भी दुख-सुख, आपदा या सामाजिक कार्य में वे हमेशा सबसे आगे खड़े नजर आते थे। उनके सरल स्वभाव और सेवा भावना के कारण वे ग्रामीणों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनके निधन से मेडकुरी कला गांव ने एक सच्चे समाजसेवी और मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

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