
रांची/नई दिल्ली: झारखंड की राजनीति के कद्दावर नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन का आज सोमवार सुबह नई दिल्ली में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

उनके बेटे और झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भावुक पोस्ट के जरिए इस दुखद समाचार की पुष्टि की। हेमंत सोरेन ने लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं…”

शिबू सोरेन, जिन्हें झारखंड में ‘दिशोम गुरु’ (देश के गुरु) के नाम से जाना जाता था, ने राज्य के अलग होने के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह झारखंड की पहचान और आदिवासी अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उनके निधन को झारखंड की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में झामुमो ने राज्य की राजनीति में एक मजबूत पकड़ बनाई और वह कई बार राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे।
उनका जाना झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है, क्योंकि उन्होंने न केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी समुदाय के संरक्षक के रूप में भी गहरी छाप छोड़ी थी। उनके निधन पर राज्यभर में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
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