
दारू (हजारीबाग), 04 फरवरी 2026: हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत ग्राम बड़वार के वीर सपूत और असम राइफल के पूर्व सैनिक रामचंद्र यादव (65) अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार सुबह लगभग 10 बजे उनके पैतृक आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय

13 फरवरी 1962 को जन्मे रामचंद्र यादव 1982 में असम राइफल में भर्ती हुए थे। देश सेवा के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान पैर में गोली लगने के बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और अदम्य साहस का परिचय दिया। 20 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद वे 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे।
सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रही सेवा
वर्दी उतारने के बाद भी रामचंद्र यादव का सेवा भाव कम नहीं हुआ। उन्होंने हजारीबाग स्थित जय प्रकाश नारायण कारा में लगभग दो वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं और सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहे। ग्रामीण उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ अभिभावक और सच्चे देशभक्त के रूप में याद कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि
वीर सपूत का अंतिम संस्कार बड़वार स्थित गडैया नदी श्मशान घाट पर किया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने “रामचंद्र यादव अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और चार पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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