
सरायकेला/चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत लुपुंगडीह स्थित प्रतिष्ठित संस्थान नारायण औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में मंगलवार को भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देशभक्ति के गीतों और तिरंगे की आन-बान-शान के बीच संस्थान का पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूँज उठा।

शानदार ध्वजारोहण और राष्ट्रगान

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संस्थान के संस्थापक सह भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. जटाशंकर पांडे द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। तिरंगा फहराने के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों में राष्ट्रप्रेम का संचार कर दिया। इस दौरान अनुशासन देखते ही बनता था, जहाँ प्रशिक्षुओं और शिक्षकों ने एक सुर में राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।

संविधान और युवा शक्ति पर डॉ. पांडे का संबोधन

ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षक समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. जटाशंकर पांडे ने गणतंत्र के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक है। आज के युवाओं के कंधों पर भारत के भविष्य का भार है। उन्हें संविधान की मूल भावना को समझते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।”
उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा वर्तमान युग की मांग है। युवा वर्ग कौशल विकास और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकते हैं, बल्कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में भी अपनी अहम भागीदारी निभा सकते हैं।
कर्तव्य और बलिदान का स्मरण

डॉ. पांडे ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारों की बात करना तभी सार्थक है जब हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अनुशासन, कड़ी मेहनत और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने की सीख दी।
समारोह की झलकियां और उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखने को मिला। सांस्कृतिक चेतना और अनुशासन के इस संगम में संस्थान के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
- शिक्षकगण: शांति राम महतो, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, शुभम साहू, पवन महतो, गौरव महतो, कृष्णा पद महतो।
- कर्मचारी: अजय मंडल एवं अन्य सहयोगी कर्मचारी।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य बनाया। समारोह का समापन राष्ट्रगान और ‘जय हिंद’ के जोरदार उद्घोष के साथ हुआ, जिसके बाद मिठाई वितरण कर खुशियाँ साझा की गईं।
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