
नवीनगर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड के मूँगिया पंचायत अंतर्गत धनहारा गाँव में मूसलाधार बारिश के कारण करबार नदी उफान पर है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज़ कटाव की वजह से गाँव के कई खेत, पेड़ और बिजली के खंभे नदी में समा चुके हैं।

युवा समाजसेवी अरविन्द कुमार पासवान ने बताया कि वर्ष 2011 में करबार नदी पर एक चेक डैम का निर्माण किया गया था। इस डैम का बिहार की ओर का किनारा टूट चुका है, जिससे रेतीली मिट्टी वाले क्षेत्र में कटाव और तेज हो गया है। इसके चलते आसपास के किसानों की ज़मीन धीरे-धीरे नदी में बह रही है।
कटाव से प्रभावित किसानों में अवधेश पासवान, विश्वनाथ पासवान, शिवनाथ पासवान, अखिलेश मेहता, रविरंजन मेहता, विश्वनाथ मेहता, सूर्यनाथ मेहता, रजेंद्र मेहता, बैजनाथ मेहता, बसदेव मेहता और सुदामा मेहता शामिल हैं। बताया गया है कि अब तक इन किसानों की लगभग 2 से 3 एकड़ ज़मीन नदी में समा चुकी है।
गाँव के लोगों का कहना है कि यदि डैम को नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में महादलित टोला का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि कटाव और नुकसान पर रोक लगाई जा सके।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
