
हजारीबाग, 23 जून 2025: जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहम्मद दिलदार अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को हजारीबाग के उपायुक्त से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एनटीपीसी परियोजनाओं से प्रभावित केरेडारी और बड़कागांव प्रखंडों के ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और इनके समाधान के लिए एक विस्तृत आवेदन पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पतरातू थर्मल पावर प्लांट और टंडवा पावर प्लांट से प्रभावित ग्रामीणों के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला खनन न्यास निधि (DMFT) प्रबंधन समिति में स्थानीय महिलाओं व जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की।

*एनटीपीसी प्रभावितों के हक की लड़ाई**

मोहम्मद दिलदार अंसारी ने बताया कि केरेडारी और बड़कागांव के सैकड़ों गांव एनटीपीसी की परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। इन परियोजनाओं के कारण ग्रामीणों की आजीविका, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर विपरीत असर पड़ा है। उन्होंने कहा, “इन ग्रामीणों ने अपनी जमीन, जल और जंगल दिए हैं, लेकिन बदले में उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही उनके लिए कोई ठोस विकास कार्य किए गए। हमारी मांग है कि पतरातू और टंडवा पावर प्लांट से इन प्रभावित गांवों को मुफ्त बिजली दी जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो और जीवन स्तर ऊंचा उठे।”
उन्होंने आगे कहा कि बिजली के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इन सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
*DMFT समिति में स्थानीय भागीदारी की मांग*
आवेदन में जिला खनन न्यास निधि (DMFT) प्रबंधन समिति में स्थानीय महिलाओं और जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मोहम्मद दिलदार अंसारी ने कहा, “DMFT फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थानीय लोगों की भागीदारी का अभाव है। स्थानीय महिलाओं और जनप्रतिनिधियों को समिति में शामिल करने से न केवल योजनाएं अधिक समावेशी होंगी, बल्कि फंड का सही उपयोग भी सुनिश्चित होगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि महिलाएं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी भागीदारी से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से स्थानीय जरूरतों को बेहतर ढंग से समझा और पूरा किया जा सकता है।
*उपायुक्त का आश्वासन*
उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और आवेदन पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और उचित कदम उठाएंगे। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रभावित क्षेत्रों के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
*स्थानीय लोगों में उम्मीद की किरण*
इस मुलाकात को स्थानीय ग्रामीणों ने सकारात्मक कदम के रूप में देखा है। केरेडारी और बड़कागांव के कई ग्रामीणों ने जिला कांग्रेस कमेटी के इस प्रयास की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनकी मांगें जल्द पूरी होंगी। एक स्थानीय ग्रामीण, रामेश्वर महतो ने कहा, “हम सालों से मुफ्त बिजली और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। अगर यह मांग पूरी होती है, तो हमारे गांवों की तस्वीर बदल सकती है।”
*कांग्रेस कमेटी की प्रतिबद्धता*
मोहम्मद दिलदार अंसारी ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कमेटी आंदोलन तेज करने को बाध्य होगी। इस मुलाकात में जिला कांग्रेस कमेटी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल थे, जिन्होंने एकजुटता दिखाते हुए इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
यह मुलाकात और आवेदन एनटीपीसी प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या प्रभावित ग्रामीणों को उनका हक मिलेगा और DMFT समिति में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित होगी, यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल, इस पहल ने क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाई है।
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