
पटना : पटना हाईकोर्ट ने ठोस व पर्याप्त सबूत के अभाव में दरभंगा के बेनीपुर में दो इंजीनियरों की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा पाये मुकेश पाठक समेत अन्य सभी को बरी कर दिया. जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने इस मामले में दायर सभी अपीलों की सुनवाई अक्टूबर 2024 में पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया.

10 लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा : इस मामले में दरभंगा की एक अदालत ने इंजीनियर ब्रजेश कुमार सिंह व मुकेश कुमार सिंह की हत्या के मामले में कुख्यात गैंगस्टर संतोष झा व मुकेश पाठक समेत दस लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. ये सजा दरभंगा के तत्कालीन एडीजे 5 रुपेश देव ने मार्च 2018 में सुनाई थी.

2015 में हुई थी हत्या : इन दोनों इंजीनियरों की हत्या 26 दिसंबर 2015 को दरभंगा के बेनीपुर अनुमंडल के शिवराम गांव में कर दी गयी थी. ये दोनों निजी सड़क निर्माण कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे. उस वक्त इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था. आरोप था कि संतोष झा गैंग द्वारा रंगदारी की रकम नहीं मिलने पर इन दोनों इंजीनियरों की हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के समय संतोष झा जेल में था, जबकि मुकेश पाठक गिरोह का संचालन कर रहा था.
सजा के साथ-साथ लगाया गया था आर्थिक दंड : कोर्ट ने संतोष झा, मुकेश पाठक, विकास झा, निकेश दुबे, अभिषेक झा व संजय लाल देव पर 20-20 हजार रुपये का आर्थिक दंड व अन्य चार अभियुक्तों पर 15 हजार रूपए का आर्थिक दंड भी लगाया था. कोर्ट ने अंचल झा, टूना झा, सुबोध दुबे व ऋषि झा को सबूत के अभाव में बरी कर दिया था.
रंगदारी व हत्या के 30 से भी अधिक मामले : बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 11जून 2016 को मुकेश पाठक को झारखंड के रामगढ़ से एक ट्रेन से पकड़ा था. इस गिरोह के सदस्यों के खिलाफ पूरे बिहार में रंगदारी व हत्या के 30 से भी अधिक मामले दर्ज हैं. ये गिरोह बिहार में बड़े पैमाने पर व्यापारियों व कम्पनियों में आतंक फैला रखा था.
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