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मकर संक्रांति पर्व के नजदीक आते ही गुड़ और तिल की बढ़ने लगी मांग

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ByBiru Gupta

Jan 6, 2025

 

 

संवाद सूत्र, जागरण, मेसकौर (नवादा):- जिले के अनेक क्षेत्रों की तरह मेसकौर में भी मकर संक्रांति का त्योहार उत्साह के साथ मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। गुड़ और तिल के प्रमुख त्योहार मकर संक्रांति को अभी एक सप्ताह शेष हैं। संपूर्ण भारत में 14 जनवरी को संक्रांति मनाने की परंपरा है। उससे पूर्व ही तिल और गुड़ की मांग तेज हो गई है। बाजार में किराना कारोबारियों के यहां से प्रतिदिन गुड़ और तिल की बिक्री में इजाफा हो रहा है। बढ़ती मांग के साथ ही दाम में उछाल आता जा रहा है। एक महिने पूर्व गुड़ के भाव 36 से 40 के बीच थे। जो अब 40 से 50 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। वहीं जो तिल बीते वर्ष 110 रुपये किलो के भाव थी वही इस वर्ष अभी 160 से 170 और धुली हुई तिल 175 से 180 रुपये के भाव हो चुकी है।मकर संक्रांति पर्व नजदीक आते ही बाजार में तिलकुट तथा तिल और गुड़ के आयटम आने शुरू हो गए हैं। पर्व को लेकर बाजार भी सजने लगे हैं। दुकानदारों ने तिल गुड़ को दुकान में आगे रखना शुरू कर दिया है। किराना कारोबारी अमोद कुमार ने बताया कि यहां पर तिल इंदौर भोपाल से मंगवाई जाती है। गुड़ बैतूल से आ रहा है। इस कारण भी दाम तेज हैं। पूर्व में तिल की पैदावार होती थी लेकिन अब बहुत कम ही किसान तिल की खेती करते हैं।

 

तिल गुड़ खाने के आयुर्वेदिक फायदे

 

तिल और गुड़ खाने के अनेक फायदे बताते हुए आयुर्वेद के जानकार कटघरा निवासी कुंदन पाठक ने बताया कि सर्दियों में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में यह काफी कारगर है। इन दिनों शरीर का तापमान गिर जाता है। तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती हैं। इस मौसम में इन्हें खाने से शरीर गर्म रहता है। उन्होंने बताया कि मधुमेह में भी तिल का सेवन लाभदायक है। तिल में भरपूर मात्रा में विटामिन और खनिज तत्व के अलावा कैल्शियम पाया जाता है। यह हड्डियों के लिए भी काफी फायदेमंद है। इस सीजन में जरूर सेवन करना चाहिए।


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