
नयी दिल्ली : दिल्ली के एक प्रमुख कंपनी के CEO विक्रम चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक नई विवादित बहस छेड़ दी है. विक्रम चोपड़ा ने इंजीनियरों के लिए एक नौकरी के विज्ञापन में दिल्ली को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है. उनका यह पोस्ट बेंगलुरु और दिल्ली के बीच की भिन्नताएं, खासकर भाषा को लेकर बहस का कारण बना.

*सीईओ ने आखिर क्या लिखा?*

19 दिसंबर को विक्रम चोपड़ा ने अपने पोस्ट में लिखा, “हम यह नहीं कह रहे कि दिल्ली एनसीआर बेहतर है. सिर्फ इतना कि यह सचमुच है.” इसके साथ ही, उन्होंने उन इंजीनियरों को दिल्ली आने का निमंत्रण दिया जो अपने घर के पास रहकर काम करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने ईमेल में “दिल्ली मेरी जान” का विषय डालने को कहा, जो दिल्ली के प्रति प्यार व्यक्त करने का एक लोकप्रिय वाक्य है.
इसके बाद विक्रम चोपड़ा ने एक पोस्टर भी साझा किया, जिसमें बेंगलुरु की भाषा संबंधी समस्याओं के बारे में दिखाया गया. पोस्टर में लिखा, “बेंगलुरु में सालों रहने के बाद भी कन्नड़ नहीं बोल पा रहे? कोई बात नहीं, आ जाओ दिल्ली.” इसके साथ एक मैप भी था, जिसमें दिल्ली की ओर एक विमान उड़ता हुआ दिखाई दे रहा था. बेंगलुरु को नीले रंग से और दिल्ली को लाल दिल से चिह्नित किया गया था.
*पोस्ट वायरल हुआ तो लोगों ने कही ऐसी बात*
विक्रम चोपड़ा के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर 3.8 लाख से अधिक व्यूज़ प्राप्त किए हैं, और अब भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है. इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी-अपनी राय दी, और कई लोगों ने इसे अनुचित और भेदभावपूर्ण करार दिया. एक व्यक्ति ने लिखा, “कृपया इस तरह के भाषा भेदभाव को बढ़ावा न दें. हमें एकजुट होना चाहिए.” एक अन्य ने कहा, “दिल्ली एक महान जगह है, एक बहुसांस्कृतिक शहर है, जहां हर कोई कई भाषाएं बोलता है और साइन बोर्ड भी उर्दू/हिंदी में होते हैं. यह स्वागत करने वाला कदम है.” एक तीसरे ने लिखा, “अगर आप दिल्ली में नहीं रह सकते, तो आप शायद बचे नहीं रहेंगे.”
कई और लोगों ने भी इस पोस्ट को रुढ़िवादी और अपमानजनक बताया। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “यह कई तरीकों से असभ्य है.” कुछ लोगों ने दिल्ली के वायु प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई. एक व्यक्ति ने कहा, “लेकिन एक छोटी सी समस्या है. मुझे सांस लेना पसंद है. यह मेरी पसंदीदा चीज़ है.” वहीं, एक अन्य ने दिल्ली के वायु प्रदूषण का मजाक उड़ाते हुए कहा, “और अंततः फेफड़ों की बीमारी हो जाएगी.”
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
