
धनबाद की साहित्यिक संस्था ‘साहित्य विमर्श’ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
धनबाद। हिंदी साहित्य के प्रखर आलोचक, कथा साहित्य के मर्मज्ञ और वैचारिक विमर्श के सशक्त हस्ताक्षर वीरेंद्र यादव के आकस्मिक निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घड़ी में ‘साहित्य विमर्श’ धनबाद के सदस्यों ने एक विशेष शोक सभा आयोजित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को रेखांकित किया।

मार्क्सवाद और प्रेमचंद साहित्य के अनन्य व्याख्याता


साहित्य विमर्श के अध्यक्ष रामचन्द्र मिश्र ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वीरेंद्र यादव के जाने से वैचारिक जगत ने एक ऐसा बुद्धिजीवी खो दिया है, जिसने मार्क्सवाद का भारतीय समाज के संदर्भ में सबसे रचनात्मक और व्यावहारिक उपयोग किया। उन्होंने कहा कि यादव जी ने साहित्य को केवल शब्दों के जाल के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के हथियार के रूप में देखा।
वहीं, संस्था के सचिव जयंत चक्रपाणि ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वीरेंद्र यादव ‘प्रेमचंद साहित्य के चलते-फिरते विश्वकोष’ थे। प्रेमचंद की विरासत और उनकी प्रगतिशील चेतना को समकालीन समय में व्याख्यायित करने का जो कार्य उन्होंने किया, वह अद्वितीय है।
सामाजिक-सांस्कृतिक योद्धा के रूप में याद किए गए
विद्वान सदस्य शीला पात्रो ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें ‘हिंदी पट्टी का अंतर्दृष्टि-संपन्न सामाजिक-सांस्कृतिक योद्धा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र यादव ने अपनी आलोचना के माध्यम से हाशिए के समाज और उनके संघर्षों को मुख्यधारा के विमर्श में मजबूती से स्थापित किया।संध्या रानी ने उन्हें ज़मीन से जुड़ा हुआ विचारक बताया।
साहित्यकारों ने प्रकट की संवेदना
इस शोक सभा में साहित्य विमर्श से जुड़े तमाम गणमान्य साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उनके कृतित्व को याद किया। शोक संवेदना प्रकट करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल थे:
मथनचंद्र दसौंधी, कमलदेव मंडल, ब्रजकिशोर चौबे, अवनिकांत झा,विनीता झा,प्रवीण कुमारी, प्रवीण कुमार लाला,अमिता चौबे,कुमारी नीलम, सोमित कुमार दत्ता एवं नुसरत परवीन उपस्थित थे.
सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि वीरेंद्र यादव का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील वैचारिक चेतना के स्तंभ का गिरना है। उनकी आलोचनात्मक दृष्टि और सादगीपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
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