
सरायकेला : जिलान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 77 वर्षीय ग्राम प्रधान बलभद्र गोराई को सालभर से मानदेय नहीं मिला है। वह ईचागढ़ अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।

*समस्या की जड़*

बलभद्र गोराई को न तो सरकारी वृद्धा पेंशन मिल रही है और न ही ग्राम प्रधान की मानदेय। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। महंगाई में वह कष्ट से गुजारा बसर कर रहे हैं।
*प्रशासन की भूमिका*
गोराई ने अपनी समस्या को हल करने के लिए कई बार पत्राचार किया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फरवरी में भी उन्होंने अपनी मानदेय को नियमित करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
*राज्य के सीएम की टिप्पणी*
राज्य के सीएम ने पहले ही कहा था कि राज्य के अंचल कार्यालयों में दलालों का जमावड़ा लगा रहता है। यह मामला उसी का एक उदाहरण लगता है, जहां अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं।
इस मामले में प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और गोराई की समस्या का समाधान करना चाहिए। साथ ही, राज्य सरकार को भी अपने अधिकारियों पर नजर रखनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा रहे हैं।
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