
सरायकेलाःसरायकेला एसडीओ कार्यलय में प्रदूषण को लेकर एक बैठक रखी गई थी जिसमें अमलगम कंपनी एवं कांड्रा क्षेत्र के स्थानीय नागरिक मौजूद रहे. बैठक में अमलग स्टील द्वारा हटाए गए विस्थापित मजदूर भोलू महतो को दुबारा काम पर रखने पर सहमत बनी. एसडीओ कार्यालय पहुंचे अमलगम स्टील के अधिकारियों ने एसडीओ को भरोसा दिलाया कि विस्थापन समिति के साथ बैठक कर 15 दिनों के भीतर भोलू महतो को स्थाई कर दिया जाएगा.
बैठक में प्रबंधन द्वारा कई सारी जानकारी दी गई की. जिसमें कंपनी के आसपास तालाबों के समीप एक जेसीबी को कार्य करते दिखाया गया है. जिसमें एक जेसीबी का फोटो एवं कुछ अन्य दस्तावेज भी दिखाया गया हैं .मगर कुछ झाड़ियां को हटाने से प्रदूषित पानी साफ हो जाता है तो कांड्रा वासियों के लिए वरदान साबित होगा. कांड्रा के स्थानीय नागरिक कई वर्षों से प्रदूषण का मार झेल रहे हैं. कंपनी अपने किए वादे पर खड़ा नहीं उतरती है. जब भी कांड्रा में प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाती है कंपनी द्वारा हल्के- फुल्के प्रदूषण के नाम पर साफ सफाई, फोटो और कागजों के पन्नों पर कर दी जाती है. बीते कई वर्षों से कांड्रा के स्थानीय नागरिक प्रदूषण का मार झैल रहे हैं. जिसमें कई व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रसित भी हो चुके हैं. कंपनी द्वारा फैलाई जा रहे प्रदूषण इस कदर पानी को प्रदूषित कर चुकी है कि किसी भी हालत में पानी पीने के योग्य नहीं है. सही पानी नहीं मिलने से हर इंसान का जिंदगी अस्त व्यस्त हो चुकी है.अगर सही समय पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो कई सारे मासूम जिंदगी की जान गवानी भी पढ़ सकती है.
जानिए प्रदूषण के कारण कौन-कौन सी बीमारी फैल सकती है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो वायु प्रदूषण से कई गंभीर बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. इनमें दिल की बीमारियां स्ट्रोक फेफड़ों का कैंसर क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और तीव्र श्वसन संक्रमण प्रमुख हैं. बच्चे तीव्र श्वसन संक्रमण के अधिक शिकार हो सकते हैं.
पिछले दिनों कांड्रा और आसपास में बढ़ते प्रदूषण को लेकर जेबीकेएसएस ने एसडीओ से नीलांचल, अमलगम और आधुनिक कंपनी के खिलाफ प्रदूषण फैलाने की शिकायत की थी. जिसके आलोक में एसडीओ ने उक्त कंपनियों की जांच करते हुए रिपोर्ट तलब किया था. हालांकि एक कंपनी को छोड़ बाकी दो कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. इसको लेकर एसडीओ ने नाराजगी जताई है. एसडीओ पारुल सिंह ने बताया कि प्रदूषण विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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