
झारखंड पुलिस हेडक्वार्टर से जमशेदपुर और रांची समेत राज्य के ट्रैफिक जिला के लिए 355 बॉडी ऑन कैमरा उपलब्ध कराए गए हैं. जमशेदपुर और रांची के विभिन्न इलाके में यातायात व्यवस्था को बहाल रखने की ड्यूटी पर लगाए गए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को पहले प्रशिक्षण दिया गया. इसके बाद उन्हें बॉडी ऑन कैमरा उपलब्ध करा दिया. कंपनी के प्रतिनिधियों ने ट्रैफिक कंट्रोल रूम में आसानी से संचालित होने वाले हैंडी कैमरा की खासियत और उसके प्रयोग की बुनियादी जानकारी दी थी. बताया गया कि क्लिप के जरिए कैमरे को वर्दी की जेब पर लगाया जा सकता है. अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने के बाद यदि आप ट्रैफिक पुलिस से उलझे तो आपको महंगा पड़ेगा. नियम तोड़ने पर फाइन काटते समय पुलिसकर्मियों से बहस, हंगामा व धक्का-मुक्की की गई तो पूरी घटना रिकॉर्ड हो जाएगी. वाहन चालकों द्वारा जुर्माना भरने का विरोध करने के दृश्य को कैमरा से रिकॉर्ड किए जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस उसे साक्ष्य के तौर पर अपने पास सुरक्षित रखेगी.
यह बाद में सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट किए जाने पर संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज करने में भी प्रमाण के तौर पर काम आएगा. अभी ऑटोमेटिक वीडियो कैमरा नहीं होने से नियम तोड़ने के आरोप से कई बार वाहन चालक मुकर जाते हैं और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हैं. आए दिन वाहन चालकों एवं सवार एमवी एक्ट के नियम का उल्लंघन करने के बाद चालान काटने के बाद हंगामा करते हैं. जुर्माना भरने से बचने के लिए कई बार वाहन चालक स्वांग रचते हैं और स्वयं को निर्दोष बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर भयादोहन, रुपए मांगने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा देते हैं. अब ऐसा करने वाले बच नहीं सकेंगे ।
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