
तिरुवनंतपुरम: केरल के एक वकील ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल से सहमति मांगी है. वकील का आरोप है कि धनखड़ की टिप्पणियों से सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा और अधिकार को कम करने का प्रयास किया गया है.
सुभाष थेक्कडन, जो सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, ने दावा किया है कि 17 अप्रैल, 2025 को उपराष्ट्रपति धनखड़ द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणी सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार को कम करने और बदनाम करने के उद्देश्य से थी.

उन्होंने 8 अप्रैल, 2025 को ‘तमिलनाडु राज्य बनाम तमिलनाडु के राज्यपाल और अन्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के संदर्भ में यह टिप्पणी की थी.

थेक्कडन ने अपनी याचिका में कहा है कि, “इस तरह के बयान, खासकर भारत के उपराष्ट्रपति जैसे उच्च संवैधानिक पदाधिकारी की ओर से आने वाले बयानों का न्यायपालिका में जनता के विश्वास पर दूरगामी और हानिकारक प्रभाव पड़ता है.
इससे सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा, अधिकार और विश्वसनीयता कम होती है.”
उन्होंने आगे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, “अगर इस तरह के सार्वजनिक अवमाननापूर्ण बयानों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो दूसरों को भी ऐसा करने का हौसला मिल सकता है, जिससे भारत के संविधान में निहित कानून के शासन और शक्तियों के पृथक्करण के मूलभूत सिद्धांतों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचेगा.”
वकील ने अटॉर्नी जनरल से देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की गरिमा, अधिकार और पवित्रता को बनाए रखने के हित में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष धनखड़ के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15 के साथ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना के लिए कार्यवाही को विनियमित करने के नियम, 1975 के नियम 3(सी) के तहत सहमति देने का अनुरोध किया है.
बता दें कि, पिछले हफ्ते, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने शीर्ष अदालत द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले पर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें राज्यों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर हस्ताक्षर करने के लिए राष्ट्रपतियों के लिए एक समयसीमा निर्धारित की गई थी. उन्होंने न्यायपालिका द्वारा कार्यकारी कार्यों का निष्पादन और “सुपर संसद” के रूप में कार्य करने के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की थी।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
