
हजारीबाग: सिल्वर निवासी अजीत कुमार, पिता शंभू महतो, और बसरिया निवासी महेंद्र प्रसाद की पुत्री का विवाह 6 जुलाई 2024 को हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ था। लड़की पक्ष की ओर से दहेज के रूप नगद और सामान भी दिए गए थे। शादी के बाद से ही दोनों पति-पत्नी के बीच दहेज के अन्य मांगों को लेकर झगड़े होते रहे।
लड़की की मां के मुताबिक, दामाद के द्वारा ₹5,00,000 और एक मोटर साइकिल की मांग की जा रही थी, जो उसके पास नहीं थी। इसी वजह से उनके बीच मारपीट होती रही, लेकिन परिवार के सदस्यों द्वारा समझौता कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया।

8 दिसंबर 2024 को लड़की की मां को मारपीट की सूचना मिली। उन्हें बताया गया कि इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों ने आपसी सहमति बनाने की कोशिश की थी, लेकिन मामला बढ़ता गया।

लड़की की मां के अनुसार, सुबह दामाद ने उन्हें फोन कर झुमरा बाजार बुलाया। जब वह वहां पहुंची, तो दामाद, समधिन और कुछ अज्ञात लोग उसकी बेटी को उनके पास छोड़कर चले गए। घर लौटते समय सपना की तबीयत बिगड़ गई। उसने तत्काल हजारीबाग सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
खबर लिखने तक मृतका के पति और उनके परिजनों की अस्पताल में उपस्थिति नहीं हो पाई थी। मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए मुफस्सिल थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया गया है। पोस्टमार्टम होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए कहां ले जाया जाएगा, इस पर अभी विचार नहीं किया गया है।
सदर अस्पताल हजारीबाग में ग्राम बसरिया के ग्रामीणों की भीड़ जुटी, जिसमें मिट्ठू रविदास (सांसद प्रतिनिधि), गोपाल पांडे, विजय प्रसाद, संजय प्रसाद, मुकेश प्रसाद सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
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