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केरेडारी में जंगल कटने से हिरण गांव में भटका, ग्रामीणों ने बचाया

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Byadmin

Jul 4, 2025

 

 

*रिपोर्ट:-बाल मुकुंद दास*

 

केरेडारी, झारखंड: केरेडारी क्षेत्र में कोयला कंपनियों द्वारा लगातार हो रही वनों की कटाई का दुष्परिणाम अब सामने आने लगा है। जंगलों के उजड़ने से जंगली जानवरों का जीवन दूभर हो गया है, जिसके कारण वे भोजन और आश्रय की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। इसी का एक ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब पांडू गांव में एक हिरण का बच्चा भटकता हुआ आ गया।

 

गुरुवार शाम को पांडू पंचायत के ग्रामीणों की नज़र इस भटके हुए हिरण के बच्चे पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित पकड़ लिया और किसी भी अनहोनी से बचाने के लिए अपने पास रखा। इसके बाद उन्होंने तत्काल पगहा ओपी थाना प्रभारी विक्की ठाकुर को इसकी सूचना दी।

 

यह घटना क्षेत्र में बढ़ती पर्यावरण असंतुलन की ओर इशारा करती है। कोयला खनन परियोजनाओं के विस्तार के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है, जिससे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास छिन रहा है। नतीजतन, हिरण, हाथी और अन्य जंगली जानवर अब गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में घुसपैठ करने लगे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।

 

ग्रामीणों की सूझबूझ से इस हिरण के बच्चे को तो बचा लिया गया, लेकिन यह घटना स्थानीय प्रशासन और संबंधित कंपनियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि वनों की कटाई पर लगाम नहीं लगाई गई और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित गलियारे उपलब्ध नहीं कराए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। यह समय है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


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